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Dholpur: रहना वाली तीर्थ मार्ग पर सरकारी जमीन पर कब्जा

राजाखेड़ा उपखण्ड के मरैना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर मरैना के सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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Dholpur news

राजाखेड़ा, ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीण

Dholpur, राजाखेड़ा उपखण्ड के उपतहसील मरैना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण एवं रातों-रात किए गए अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर मरैना के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार रैहना वाली मोड़ के पास स्थित शीतल माता चबूतरे के समीप सरकारी भूमि पर 8 सितंबर की रात करीब 12 बजे बाहर से आए कुछ लोगों की ओर से कथित रूप से कब्जा कर दीवार का निर्माण कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में निर्माण कार्य कर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रमीणो के अनुसार घटना की जानकारी रात के समय थाना दिहौली को दी गई थी लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी पुलिस गश्त अथवा जांच नहीं की गई और निर्माण कार्य को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।जिसके चलते घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर उपतहसील मरैना पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी भूमि की तत्काल जांच एवं सीमांकन कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।

स्थानीय लोगों की मांग

ग्रामीणों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के खिलाफ तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए। यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उसे तत्काल ध्वस्त कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और किसी भी व्यक्ति को रातों-रात उस पर कब्जा कर निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन को ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोगों द्वारा आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरितए निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान मरैना सरपंच विसम्बर लोधी, पूर्व जिला प्रमुख किरोड़ी लाल जाटव, नानिकराम लोधी, उपप्रधान प्रतिनिधि भरत सिंह लोधा, पूर्व सरपंच रमेश लोधा, मुरारी लाल जाटव, वर्मा जाटव, लकर्ण, पंचायत समिति सदस्य, सियाराम पहाडय़िा, रामभरोसी शर्मा, मालिया, हरिओम सक्सेना, भोलाराम जाटव, बलवीर जाटव, रज्जो, राजू, राकेश शर्मा, महावीर शर्मा, रिंकू, ब्रजमोहन एवं चंद्रप्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।