
बच्चों को खिला रहे खिचड़ी, स्टाफ के लिए बन रही थी रोटी और पत्ता गोभी सब्जी
धौलपुर. सरकारी विद्यालयों में मिड-डे-मील योजना को लेकर बीच-बीच में अनियमितता की खबरें आती रहती हैं। गुरुवार सुबह राजाखेड़ा क्षेत्र के एक स्कूल में भी ऐसा ही एक मामला स्वयं जिला कलक्ट अनिल कुमार अग्रवाल ने पकड़ा। जिला कलक्टर राजाखेड़ा उपखण्ड स्तरीय जनसुनवाई के लिए सुबह जा रहे थे। रास्ते में करीब सुबह 10.15 मिनट पर वह अचानक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लुहारी जांच करने पहुंंच गए।
निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य को कहीं अन्यत्र ड्यूटी पर जाना बताया गया। इस दौरान मिड डे मील का सत्यापन करने पर पाया गया कि स्कूल में मिड डे मील योजना के तहत मैन्यू के अनुसार गुरुवार के दिन मध्यान्ह भोजन में खिचड़ी दी जानी थी। जो विद्यार्थियों को परोसी मिली। इस बीच डीएम ने रसोई में जाकर देखा गया तो वहां पाया कि 30-40 व्यक्तियों के खाने का आटा लगा हुआ था एवं आलू व पत्ता गोभी की सब्जी बनी हुई रखी थी। इस बारे में जब मिड डे मील प्रभारी व कार्यवाहक प्रधानाचार्य से पूछा तो उन्होंने यह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए बनाया जाना बताया। ऐसा प्रतीत हुआ कि सभी कार्मिक छात्रों के लिए उपलब्ध एमडीएम में से ही भोजन करते हैं जो सरकारी योजना के मूल उद्देश्य के विपरीत है। लापरवाही बरतने पर जिला कलक्टर ने एमडीएम प्रभारी को तत्काल निलम्बित करने के आदेश दिए तथा संस्था प्रधान व अन्य संबंधितों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय में पाई गई अनियमितताओं की जांच हेतु मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी को विद्यालय की संपूर्ण जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालय में पाई गई अन्य अनियमितताएं
मिड डे मील योजना के अनुचित उपयोग के अतिरिक्त निरीक्षण के दौरान अन्य कई अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के वक्त तक विद्यालय परिसर की सफाई नहीं मिली। विद्यालय के टॉयलेट्स गंदे पाए गए ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इनकी सफाई लम्बे समय से नहीं हुई है। मिड डे मील के लिए भण्डारण की व्यवस्था समुचित नहीं थी। जिस कमरे में भण्डारण था उनके ऊपर नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, अन्य सामग्री पड़ी हुई थी जिससे भण्डार का सत्यापन नहीं हो सके। मिड डे मील के लिए संधारित रिकार्ड 9 मार्च 2023 से संधारित था किन्तु इस पर न तो किसी कक्षा अध्यापक प्रभारी और संस्थाप्रधान के हस्ताक्षर नहीं थे।
मिड के मील योजना के लिए क्रय की जाने वाली सामग्री के स्टाक पंजिका का संधारण सामग्रीवार नहीं मिला। जिससे व्यय व शेष का सत्यापन नहीं हो सका। भण्डार पंजिका के प्रथम पृष्ठ पर संस्था प्रधान का प्रमाणीकरण नहीं पाया गया। विद्यालय के कॅशियर ओमकार सिंह यादव कष्निठ सहायक 28 जून से विद्यालय नहीं आ रहे है। जिनके कॉलम में 3 जुलाई की सीएल अंकित थी शेष कॉलम रिक्त पाए गए। कॅशियर विद्यालय में नहीं होने के कारण रोकड पंजिकाओं का अवलोकन नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त मिड डे मील का चार्ज पंचायत शिक्षक को दे रखा है जबकि विभाग के निर्देशानुसार अध्यापक के पास मिड डे मील का चार्ज होना चाहिए।
Published on:
14 Jul 2023 05:25 pm
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