
Rajasthan Severe Cold : राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ी रही है। आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने अत्यधिक शीत के प्रकोप को देखते हुए शीतघात से जनसमुदाय के बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने बताया कि पाला, शीतलहर से बचाव, जन जागरूकता एवं आवश्यक प्रबंधन के लिए जिला एवं उपखण्ड स्तर पर विभागवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
राज्य सरकार की जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि शीतलहर को देखते हुए सर्दियों के कपड़े पर्याप्त मात्रा में रखें, कपड़े की कई परतें पहनना भी लाभदायक रहता है। आपातकालीन आपूर्तियों के लिए सभी सामान तैयार रखें।
शीतदंश के लक्षणों जैसे अंगुलियों, पैर की अंगुलियों, कानों की लोब और नाक की नोक पर सुन्नता, सफेदी या पीलेपन के प्रति सजग रहें। शीतदंश से प्रभावित हिस्से की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है। शीतदंश से प्रभावित शरीर के हिस्सों को गुनगुने पानी में डालें, कंपकंपी को नजरअंदाज न करें यह एक महत्वपूर्ण अग्रिम संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। कंपकंपी महसूस होने पर तुरंत घर लौटे।
जितना संभव हो घर के अंदर रहें। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। अपने शरीर को सुखाकर रखें। यदि कपड़े गीले हो जाए तो उन्हें तुरन्त बदलें। इससे शरीर की ऊष्मा बनी रहेगी। मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें। नियमित रूप से गर्म पेय पिएं, बुजुर्गों और बच्चों का ख्याल रखें।
व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाएं और कपड़े बदल दें। व्यक्ति के शरीर को सूखे कंबलों, कपड़ों, तौलियों या चादरों से गर्मी दें। शरीर के तापमान के बढ़ाने में मदद करने के लिए गर्म पेय पिलाएं, लेकिन मादक पेय न दें। जितनी जल्दी हो सके व्यक्ति को उचित चिकित्सा उपलब्ध कराएं।
Published on:
03 Jan 2025 07:07 pm
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