राजस्थान में 28 सरकारी विश्वविद्यालय हैं। इनके एक्ट, अधिनियम, कार्यप्रणाली विधानसभा से पारित हैं। अलग-अलग एक्ट-अधिनियम कार्य प्रणाली के अनुसार इनमें शैक्षिक, प्रशासनिक कामकाज किए जा रहे हैं। इससे कई बार विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों को परेशानी होती हैं। खासतौर पर एक विश्वविद्यालय से माइग्रेशन लेकर दूसरे विश्वविद्यालय में दाखिलों, भर्तियों, खरीद-फरोख्त, नौकरी ज्वॉइन करने, शोध, पदोन्नति, वेतन-भत्तों ,राज्य सरकार के आदेशों की पालना में अंतर है। विश्वविद्यालयों के कामकाज में एकरूपता को लेकर राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कमेटी गठित की है।