धौलपुर में दम तोड़ रही राजस्थान रोडवेज बस सेवा

धौलपुर रोडवेज आगार से भले ही अन्तरराज्यीय बसों का संचालन किया जाता हो, लेकिन वर्तमान में आगार रामभरोसे संचालित हो रहा है।

By: Amit Singh

Published: 30 Dec 2018, 08:18 PM IST

धौलपुर में दम तोड़ रही राजस्थान रोडवेज बस सेवा
- धौलपुर आगार की स्थिति नाजुक
धौलपुर. धौलपुर रोडवेज आगार से भले ही अन्तरराज्यीय बसों का संचालन किया जाता हो, लेकिन वर्तमान में आगार रामभरोसे संचालित हो रहा है। बसों की मरम्मत को स्वीकृत मिस्त्रियों के पदों की संख्या में कमी होने का सिलसिला जारी है। हाल में 69 स्वीकृत पदों पर मात्र 8 मिस्त्री ही कार्यरत है। इसके आलवा डिपो को डिमांड के अनुरूप भी सामान मुख्यालय से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हाल में सामान उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में आगार में खड़ी 5 कबाड़ हो चुकीं बसों से क्षतिग्रस्त सामान ही निकाल कर ही काम चलाया जा रहा है। ईधर, अधिकांश रोडवेज बसों में यात्रियों को बैठने की सीटें भी जर्जर होती नजर आ रही है।
यह है स्थिति
वर्तमान में रोडवेज आगार में 73 बसें हैं। इस वर्ष 21 कंडम बसों में से 16 बसों को मुख्यालय पर जमा करा दिया गया है, हाल में डिपो में 5 बसें कंडम हालत में खड़ी है, जिनसे सामान निकाल कर हाल में संचालित बसों का काम चलाया जा रहा है। अब ये बसें कण्डम ही नहीं खोखली भी हो गई है।
डिमांड के अनुरूप नहीं सामान
हाल में संचालित रोडवेज बसों के संचालन के लिए एफआई पम्प, स्टेयरिंग पम्प, कमानी के पत्ते, बैटरी, इंजन, फ्रंट एक्सल एसेम्बली, रियर एक्सल, इंजन एसेम्बली यूरो बीएस 02, अल्टेनेटर एसेम्बली, टायर सहित करीब दो दर्जन सामान की नियमित तौर पर आवश्यकता पड़ती है, जो मुख्यालय से डिमांड के अनुरूपए पूर्णतया सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मिस्त्रियों का अभाव
आगार में वर्तमान में मिस्त्रियों का अभाव बना हुआ है। आगार में स्वीकृत 69 पदों में से अभी केवल 8 मिस्त्री ही कार्यरत हैं। इनमें से भी गत तीन माह में दो मिस्त्री सेवानिवृत्त हो जाने के बाद स्थिति खराब हो गई है।
बैठने लायक तक नहीं सीटें
रोडवेज बसों में वर्तमान में अधिकांश बसों की सीटें बैठने लायक तक नहीं बची हैं। कई सीटों के तो बैक ही हट चुके हैं। वहीं सीटों से गदद्ी हट चुकी हैं, जिसके कारण सवारियों को लोहे की सपोर्ट पर बैठना पड़ता है। इससे हिचकौले में चोटिल होने का भय बना रहता है। आगार में अपोस्टर नहीं होने के कारण सीटों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। कई बसों में से बाहरी दुकानदारों से सीटों को सही कराया, लेकिन वे फिर से खराब हो गई हैं।

 

 

मुख्यालय से 20 नई रोडवेज बसों की मांग की गई है। मिस्त्रियों की संख्या काफी कम होने के कारण मरम्मत संबंधित कार्य प्रभावित बना हुआ है। हाल में बसों की सीट मरम्मत करने वाला मिस्त्रिी भी सेवानिवृत हो गया। जल्द व्यवस्थाएं सुधरेंगी।
पुनीत कुमार द्विवेदी, प्रबंधक यातायात, धौलपुर डिपो

Amit Singh Editorial Incharge
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