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Dholpur: हाइवे पर कई ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना स्थल चिह्नित, पर सुधार को लेकर गति सुस्त

जिले में सबसे खतरनाक हाइवे एनएच 44 बना हुआ है। वहीं, एनएच 11बी और एनएच 123 पर भी कई स्थान जोखिम भरे हैं। गौरतलब रहे कि जनवरी से अगस्त तक जिले में सडक़ हादसों में 118 लोग जान गवा चुके हैं। जबकि 288 गंभीर रूप से घायल होने पर अब संघर्ष कर रहे हैं।
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Dholpur news

सदर थाना चोराहे पर ब्रिज निर्माण के लिए की जा रही टेस्टिंग

धौलपुर. पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले से आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 के साथ दो अन्य हाइवे भी गुजर रहे हैं। इन हाइवे पर कई स्थानों पर दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में डिवाइडर या आसपास बोर्ड लगा कर एनएचएआई अपने जिम्मेदारी तो दर्शा रही है लेकिन इसमें सुधार को लेकर अभी तक खास कोई उपाय नहीं हो पाए हैं।

धौलपुर शहर से गुजर रहे मध्यप्रदेश से उत्तरप्रदेश की तरफ जा रहे एनएच 44 पर कई जगह यह स्थल हैं। यहां पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों की ओर से यहां खास ध्यान नहीं दिया। गत दिनों काफी हो हल्ला होने के बाद एनएचएचआई की एजेंसी एनएच 44 पर जेब्रा लाइन और स्पीड बे्रकर लगाए थे। कई ऐसे स्थान हैं जो लाइनिंग कर दी लेकिन सडक़ का लेबल की बिगड़ हुआ है। यहां सदर थाने कट के पास अमूमन यही स्थिति है। सडक़ दबने से वाहन की स्टेरिंग हिल रही और कई स्थानों पर हालत खराब है। लेकिन अभी तक इस पर ध्यान नहीं देने से हाइवे से गुजर रहे वाहन चालक परेशान हैं। जिले में सबसे खतरनाक हाइवे एनएच 44 बना हुआ है। वहीं, एनएच 11बी और एनएच 123 पर भी कई स्थान जोखिम भरे हैं। गौरतलब रहे कि जनवरी से अगस्त तक जिले में सडक़ हादसों में 118 लोग जान गवा चुके हैं। जबकि 288 गंभीर रूप से घायल होने पर अब संघर्ष कर रहे हैं।

निराश्रित जानवर बेलगाम, कौन पकड़ेगा तय नहीं

हाइवे पर जगह-जगह निराश्रित जानवरों का डेरा है। शहर में एनएच 44 पर और सर्विस लेन पर सुबह से रात तक यह जानवर नजर आ जाएंगे। इसी तरह एनएच 11बी पर 220 केवी विद्युत स्टेशन से जिला अस्पताल चौराहे तक तो कदम कदम पर निराश्रित जानवरों का डेरा है। यहां से तो रात में गुजरना ही चुनौती बन जाता है। विशेष बारिश के समय तो जानवर सडक़ पर ही डेरा जमा लेते हैं। इसी तरह एनएच 123 पर भागीरथपुरा, एनएच 44 बाइपास मोड और समेत अन्य स्थानों पर निराश्रित जानवर नजर जा जाएंगे। लेकिन एनएचएआई और जिम्मेदार एजेंसी ने इन पर ध्यान देना ही छोड़ दिया है। जो वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। कई की इन जानवरों से जान गवा चुके हैं।

जो पहले होना था, अब कर रहे…

एनएच 44 पर अब दो स्थानों पर हाइवे को सीधे फ्लाइओवर से कनेक्ट करने का कार्य शुरू हो चुका है। एनएच 44 पर सदर थाने से आगे एक लेन पर एजेंसी ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी तरह शहर में मचकुंड चौराहे पर भी काम शुरू होने वाला है। यह चौराहे सीधे फ्लाइओवर से कनेक्ट होगा। शहर का ट्रेफिक अंडर पास से होकर निकलेगा। यह चौराहा दुर्घटना स्थलों में शुमार है। हालांकि, यह प्वाइंट पर पहले ही कनेक्ट होना था लेकिन अब जाकर यह कार्य शुरू होने जा रहा है। जिससे शहरवासियों को खासी राहत मिलेगी। इस प्वाइंट पर भी कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं।

एनएच 11बी और एनएच 123 पर यहां हैं दुर्घटना स्थल

धौलपुर क्षेत्र: धौलपुर सीमा में एनएच 11बी पर शहर में जगदीश तिराहा, 220 स्टेशन, हाउसिंग बोर्ड चौराहा और नवीन अस्पताल चौराहा और एक पॉलिटेक्निक कॉलेज के आसपास का क्षेत्र दुर्घटना स्थल के रूप में चिह्नित है। वहीं, धौलपुर सीमा में एनएच 123 पर मुख्यतय भागीरथपुरा और आगे जाकर एनएच 11 पर मुड़ते समय वाला स्थल खतरनाक है।

सरमथुरा क्षेत्र: यहां राष्ट्रीय राजमार्ग 11 बी पर बथुआखोह, घाटी, डौमपुरा, बसंतपुरा मोड, बीझौली आरओबी, सुनकई क्रॉसिंग, मोरीपुरा मोड, आंगई बाइपास आदि दुर्घटना वाले स्पॉट बन चुके हैं। हाइवे स्थित अधिकांश हादसे निराश्रित पशुओं के कारण घटित होते हैं। लेकिन इन्हें रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं हुए हैं। हाइवे पर बथुआखोह से आंगई तक रात्रि में सडक़ों पर वाहन कम निराश्रित पशु अधिक विचरण करते हैं। जिससे हादसे की आशंका रहती है।

बाड़ी क्षेत्र: धौलपुर शहर से आ रहे एनएच 11बी बाड़ी उपखंड से होकर सरमथुरा की तरफ निकलता है जो आगे करौली से लालसोट की तरफ जाता है। बाड़ी शहर की सीमा से होकर निकल हरे एनएच 11बी कई हादसे सामने आ चुके हैं। इसमें निभी के ताल, खानपुर, रिलायंस पेट्रोल पंप, सुनीपुर समेत अन्य स्थल दुर्घटना स्थल के रूप में चिह्नित हैं।

सैंपऊ क्षेत्र: सैंपऊ क्षेत्र से मुख्यतय राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 123 निकल रहा है जो आगे भरतपुर के आगरा-बीकानेर हाइवे के बॉर्डर ऊंचा नगला पर निकलता है। रास्ते में यूपी सीमा भी लगती है। एनएच 123 पर सालेपुर, कदमखन्डी मंदिर से लेकर रिंग रोड तक, तसीमो स्थित पार्वती पुल, दुवेपुरा मोड, कुम्हेरी चौराहा व करीमपुर क्षेत्र में दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं।

- एनएचएआई अधिकारियों को जिले से जो हाइवे पर ब्लैक स्पॉट्स हैं, उनमें सुधार करने के निर्देश दिए हैं। इन स्पॉट पर रोशनी और संकेतन चिह्न लगाने को कहा है, जिससे जिले के बाहर के वाहन को निकलते समय हाइवे की जानकारी हो, जिससे वह संभल कर निकल सकें।

- विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक धौलपुर