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स्वस्थ हृदय के लिए चीनी कम लें

खराब खानपान की आदतों से बिगड़ी सेहत को कसरत से सुधारना मुश्किल है। कुछ बातों को ध्यान में रखें :
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Pawan Kumar Rana

Oct 28, 2017

healthy heart

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स्वस्थ हृदय के लिए चीनी कम लें

जीवनशैली में कुछ बदलाव कर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। ऐसा खासकर हृदय की सेहत के लिए जरूरी है। हृदय रोग कई रोगों को जन्म देता है जैसे मधुमेह, हाई बीपी और कई प्रकार के कैंसर आदि। ऐसे में दिनचर्या में वजन, आहार व व्यायाम पर ध्यान दें...

ऐसी हो डाइट
खराब खानपान की आदतों से बिगड़ी सेहत को कसरत से सुधारना मुश्किल है। कुछ बातों को ध्यान में रखें-
- जितना हो दिनभर में 3-4 चम्मच से ज्यादा चीनी न लें। इससे डोपामाइन हार्मोन अधिक स्त्रावित होता है जो इंसुलिन बढ़ाकर शरीर में वसा को जमाता है। कम शुगर या प्राकृतिक मीठी चीजें खाएं जैसे गुड़।
- गेहूं से बनी चीजें (साथ ही गेहूं के विकल्प जैसे सूजी, मैदा, नूडल्स आदि) कम खाएं। इनमें ग्लूटेन होता है जो रक्त में शुगर की मात्रा और आंतरिक अंगों में वसा को बढ़ाता है। इनके बजाय कभी कभार बाजरा, ज्वार, मक्का, चना, रागी आदि खाएं। भोजन से पहले सलाद और छाछ लेकर भी रोटी की मात्रा घटा सकते हैं।
- डाइट में प्रोटीन ज्यादा लें। इसके लिए अंकुरित अनाज, राजमा/ दाल, पनीर, टोफू, सूखे मेवे (बादाम, अखरोट), मूंगफली आदि खाएं।
- फलों के जूस के बजाय इन्हें कच्चा खाएं।

वजन


उम्र-लंबाई के अनुसार वजन सेहतमंद होने का संकेत है। वेट मेंटेन रखने के लिए वजन के अनुसार बीएमआई व शरीर के लिए कितनी कैलोरी जरूरी है जानकारी रखें। हर खाद्य पदार्थ के पीछे लगे कैलोरी टैग को जरूर देखें।


व्यायाम
दिनचर्या में शरीर में कैलोरी कम करने वाले व्यायाम शामिल करें। ताकि हृदय को भी ताकत मिल सके।
रोजाना न्यूनतम एक हजार कदम पैदल चलने की आदत डालें।
सिटिंग जॉब का समय निश्चित करें। लगातार लंबे समय तक बैठने के समय में 50 प्रतिशत कमी से कई रोगों की आशंका कम कर सकते हैं।
कोर वर्कआउट में एब्स, कूल्हे, पीठ के ऊपरी- निचले भाग को मजबूत बनाएं।


डॉ. साकेत गोयल,
वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ, कोटा

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।