
वन विभाग का अमला ग्रामीणों को कर रहा सतर्क
डिंडौरी. जिले के पश्चिम करंजिया वन परिक्षेत्र के कई गांव में फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का झुंड तेजी से वन परिक्षेत्र पूर्व करंजिया की ओर बढ़ रहा हैं। हाथियों का उत्पात मंगलवार को भी कम होता नजर नहीं आ रहा है। वहीं सोमवार की रात हाथियों ने बोयरा सहित दलदल कपोटी और चकमी गांव में फसलों को प्रभावित करने के साथ मकान को भी क्षतिग्रस्त किया है। ग्राम बोयरा में खेत, खलिहान की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ घर में रखे राशन को भी हाथियों ने खाया एवं घर में तोड़-फोड़ करने के बाद हाथियों का दल दलदल गांव में गोकुल दास के कच्चे मकान को भी तोड़ दिया। चार हाथियों का दल गुरुवार की सुबह छत्तीसगढ़ से डिंडौरी जिले की सीमा में प्रवेश किया था। इसके बाद से लगातार अलग-अलग गांव में धान की फसलों के साथ भवनों को भी नुकसान पहुंचाया रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से फिर लौटे वापस
जानकारी के अनुसार बीती रात्रि हाथियों का दल कुछ समय के लिए जिले की सीमा पार कर छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर गया था। इसके बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली थी, लेकिन कुछ समय बाद ही यह झुंड फिर जिले की सीमा में लौट आया और अब वह पूर्व करंजिया की ओर बढ़ रहा है।
पद चिन्ह के आधार पर कर रहे तलाश
हाथियों का मूवमेंट पश्चिम करंजिया से पूर्व वन परिक्षेत्र करंजिया की ओर हो गया है। पद चिन्ह के आधार पर वन विभाग का अमला हाथियों की तलाश में जुटा है। वहीं प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को मुआवजा देने की पहल भी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने एक दिन पहले सोमवार को ही प्रभावित क्षेत्र का अधिकारियों के साथ दौरा कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे।
इनका कहना है
तीन चार दिन से हाथियों का मूवमेंट बना हुआ था, इसके बाद वह वापस छत्तीसढ़ की सीमा में प्रवेश कर गए थे। हाथियों की वजह से किसानों को जो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा बनाया जा रहा है।
सुरेन्द्र सिंह जाटव, उपवन मण्डल अधिकारी डिंडौरी
Published on:
20 Nov 2024 03:32 pm
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