
Cholesterol Symptoms : जब शरीर में वसा का जमाव बढ़ता है, तो नसों में दिक्कतें हो सकती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द का कारण बन सकता है। यह स्थिति खतरे का संकेत हो सकती है। अगर किसी को शरीर के तीनों जगहों में दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे ध्यान में रखना चाहिए। ऐसी स्थिति में अनदेखा न करें और चिकित्सक से परामर्श करें। उचित उपचार से इस समस्या को समय पर ठीक किया जा सकता है, जो आपकी सेहत को सुरक्षित बनाए रखेगा।

हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण cause of high cholesterol बिगड़ी लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी न करने के कारण ही शरीर के साथ नसों में भी वसा का जमाव शुरू हो जाता है। यही आगे चलकर हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है और इससे अन्य बीमारियां जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट अटैक , कोरोनरी आर्टरी डिजीज , ट्रिपल वेसेल डिजीज बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

खून में कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल? How much cholesterol should there be in blood? तय मानको के मुताबिक हेल्दी एडल्ट्स में 200 मिलीग्राम/डीएल तक कोलेस्ट्रॉल होना चाहिए, अगर यही लेवल 240 मिलीग्राम/डीएल के पार पहुंच जाए तो समझ जाएं कि खतरा बढ़ चुका है और आपको अपनी जीवनशैली और खान पान में बदलाव लाने की जरूरत है।

खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर blood cholesterol levels अगर खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, तो पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease) का खतरा बढ़ जाता है। इससे धमनियों को नुकसान पहुंचता है और धमनियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड सही रूप से शरीर के हर अंग तक नहीं पहुंच पाता।

शरीर के इन हिस्सों में होता है तेज दर्दपेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) होने शरीर में खून का प्रवाह बाधित होता है। अगर आपके जांघों, कूल्हों और पैरो में तेज दर्द बना रहता है तो ये संकेत हाई कोलेस्ट्रॉल के हो सकते है। ऐसा होने पर आपको तुरंत अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए।