
वजन उठाना, साइटिका का कारण बन सकता है
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के कुछ वेटलिफ्टरों को साइटिका दर्द के कारण उच्च पदक से वांछित रहना पड़ा। वाकई साइटिका का दर्द असहनीय होता है और अधिक भार उठाने वालों में इसका जोखिम बढ़ जाता है। युवा जिम जाकर अपनी बॉडी बनाना चाहते है और इस चक्कर में वह अधिक वजन उठाते हैं। इससे युवाओं को साइटिका का दर्द होने की आशंका बढ़ जाती है।
ज्यादा वजन उठाने से साइटिका दर्द क्यों?
साइटिक नर्व निचले हिस्से में शुरू होती है और निचले अंग के माध्यम से चलती है। यह मानव शरीर में सबसे लंबी और व्यापक एकल तंत्रिका होती है जिससे इसको नुकसान पहुंचने की आशंका अधिक होती है। वेटलिफ्टर के शरीर के ऊपर अधिक भार पड़ता है तो साइटिका नर्व अकेली होने के कारण दबाव में आ जाती है जिससे उसके चोटिल होने की संभावना बढ़ जाती है। साइटिका का दर्द गंभीर चोट या डिजेनरेटिव ***** से भी हो सकता है।
क्या है साइटिका का दर्द
साइटिका पैर दर्द का एक लक्षण है जो पैरों में झनझनाहट, पैरों का सुन्न होना व कमजोरी के अहसास के साथ होता है। इसकी शुरुआत कमर के निचले हिस्से से शुरू होती और यह चलता हुआ पीठ तक पहुंच जाता है और पैर के नीचे साइटिक तंत्रिका में जाकर दर्द पैदा करता है। साइटिका का दर्द असहनीय होता है। साइटिका, साइटिक तंत्रिका को नुकसान का परिणाम होता है, इसलिए तंत्रिका क्षति के अन्य लक्षण दर्द के साथ उत्पन्न होते हैं।
साइटिका के दर्द से कैसे बचें
वेटलिफ्टिंग करने से पहले कोच की सलाह का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए। सही तरीके से वार्मअप करना चाहिए। वजन उठाने से पहले यह बात ध्यान रखें कि आपके शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बनी रहे। वेटलिफ्टिंग करने के दौरान आप अपनी कमर में बेल्ट जरूर लगा लें। आपके शरीर की जितनी क्षमता है उससे अधिक भार ना उठाएं।
साइटिका के दर्द का उपचार
साइटिका का सबसे अच्छा उपचार व्यायाम है। गर्म और ठंडे पानी से सिंकाई करके साइटिका के दर्द से अस्थायी रूप से आराम पाया जा सकता है। दवाओं व इंजेक्शन की मदद से दर्द से आराम मिल जाता है। 10 में से 9 लोगों को व्यायाम, शारीरिक आराम और दवाओं व इंजेक्शन से साइटिका के दर्द से आराम मिल जाता है। जिनको इन उपचार विधिओं से आराम नहीं मिलता वे साइटिका से माइक्रो एंडोस्कोपिक ***** सर्जरी द्वारा छुटकारा पा सकते हंै। यह लोकल एनेस्थीसिया देकर की जाती है। इस सर्जरी में खुला चीरा लगाए बगैर एंडोस्कोपिक ट्यूब को छोटा छेद करके ***** के प्रभावित भाग के पास पहुंचाया जाता है।
Published on:
21 May 2018 04:52 am
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