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सवा करोड़ आहुतियों से सुवासित होगा गिरीपुर

गुजरात से आएगा गो-घृत, उदयपुर से आएंगे तिल, डूंगरपुर में 26 से 108 कुण्डीय श्रीअतिरुद्र महायज्ञ

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सवा करोड़ आहुतियों से सुवासित होगी गिरीपुर

सवा करोड़ आहुतियों से सुवासित होगी गिरीपुर

डूंगरपुर. शिव और शक्ति की नगरी गिरीपुर में वर्ष पर्यन्त धार्मिक अनुष्ठान होते रहे हैं और यहां की फिजाएं यज्ञानुष्ठान में समर्पित आहुतियों से सदैव सुवासित होती रहती है। शिव आराधना के लिहाज से अतिमहत्वपूर्ण श्रावण मास में शहरवासियों की अगाध आस्था स्थल स्वयं भू-नवामहादेव मंदिर परिसर में संभवतया पहली बार 108 कुण्डीय श्रीअतिरुद्ध महायज्ञ का दिव्य अनुष्ठान होने जा रहा है। आयोजन को लेकर इन दिनों युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। धार्मिक महानुष्ठान में एक साथ 208 परिवार चार दिन के दरम्यान 108 कुण्डों में सवा करोड़ से अधिक आहुतियां समर्पित कर सर्व मंगल एवं बरसात की कामना करेेंगे। अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आ रहा है।

नौ ग्रहों के बन रहे हैं कुण्ड
कलक्ट्रेट मार्ग पर स्थित नवा महादेव मंदिर परिसर में समतलीकरण के बाद 15 हजार स्क्वायर फीट का विशाल डोम शामियाना बंधना व हवन कुण्ड बनने शुरू हो गए हैं। परिसर में वास्तुकार शांतिलाल सोमपुरा के निर्देशन में एक मुख्य कुण्ड एवं नौ ग्रहों के कुण्ड सहित 99 अन्य कुण्ड बनाए जा रहे हैं। यह सभी कुण्ड शास्त्रोक्त विधि-विधान वैदोक्त परम्परा अनुसार बनाए जा रहे हैं। आचार्य, अष्ट, पद्म कुण्ड आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। इन कुण्डों को गाय के गोबर, गो-मूत्र, नदी की मिट्टी आदि के मिश्रण से बनाए जा रहे हैं।

गुजरात से मंगवाया घृ़त
यज्ञानुष्ठान के लिए गुजरात से विशेष 50 डिब्बे अर्थात करीब 750 किलो शुद्ध गो-घृत मंगवाया है। वहीं, उदयपुर से 5 क्विंटल तिल मंगवाए हैं। हवन सामग्री में 25 किलो शक्कर, 25 किलो जौ, 75 किलो विशेष हवन सामग्री मिलाई जाएगी। इससे समूचा वातावरण आहुतियां के बाद उठी गंध से सुवासित हो उठेगा।

तीन वर्ष से थे प्रयास...
महानुष्ठान के कुंदन-अम्बालाल परिवार के धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि महादेव के आशीर्वाद एवं उनकी ही प्रेरणा से अनुष्ठान हो रहा है। इससे पूर्व भी दो बार 21-21 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन करवाया था। तीन वर्ष से प्रयास कर रहे थे। पर, अब 26 से 29 अगस्त तक यह अनुष्ठान होने जा रहा है। रोज सुबह नौ बजे से पांच बजे तक हवन कुण्डों में विप्रवरों के समवेत मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां समर्पित की जाएगी। यज्ञानुष्ठान में बैठने वाले समस्त यजमानों का डे्रस कोड भी रहेगा।

फैक्ट फाइल
108 कुण्डीय महायज्ञ का अनुष्ठान
26 अगस्त से होगा आगाज
07 क्विंटल यज्ञ सामग्री होगी समर्पित
208 जोड़े यजानुष्ठान में समर्पित करेंगे आहुति
1 करोड़ से अधिक आहुर्तियां होगी समर्पित
11 हजार इटों से बन रहे हैं हवन कुण्ड
35 विप्र समवेत मंत्रोच्चारण के साथ करेंगे विश्व मंगल की कामना