
डूंगरपुर। नेहा, सिया व हिमांशी ने दुनिया ही नहीं देखी और ऐसे ही दुनिया से विदा हो जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था। सबके चेहरे पर रह-रहकर उनके गुजरे कल की तस्वीरें सामने आ रही थी। घर-परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियों के मां-बाप तो इस तरह टूटे की उनकी दुनिया ही उजड़ गई। बेटियों के इस तरह चले जाने ये गांव में हर किसी का कलेजा रह-रह कर फट रहा था। नेहा को लेकर उसका कंधा देने वालों के हाथ ही कांप उठे क्योंकि उसका जन्मदिन था। केक काटने के दिन उसकी अर्थी उठी तब सबकी आंखे भर आई।
यह मातम और सन्नाटा माल व लक्ष्मीपुरा पिण्डावल गांव में था। एक दिन पहले बुधवार को इन तीन बेटियों के तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। जिसने भी सुना उसको विश्वास नहीं हुआ। परिवार वालों को ही नहीं गांव में बड़ों से बच्चों को भी बीती रात नींद नहीं आई। रह रहकर तीनों के हसंते खेलते पल आंखों के सामने आ रहे थे।
गुरुवार की सुबह शव यात्रा एक साथ निकली। इधर, माल गांव में मामा के घर रह रही नेहा का उसके गांव लक्ष्मीपुरा पिण्डावल में अंतिम संस्कार किया गया। नेहा को अपने जन्मदिन को लेकर इंतजार था और परिवार भी उसकी हर खुशी के लिए तैयारी में था लेकिन उसका ऐसे चले जाने की खबर से दु:खों का पहाड़ परिवार पर टूट पड़ा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को बोडिगामा माल के तालाब में तीनों की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी।
Published on:
20 Apr 2023 08:00 pm
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