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घर -आंगन व खेतों से किसान वैज्ञानिकों से पूछ रहे मन की बात

—किसान सारथी पोर्टल बना कृषकों का मददगार—पोर्टल में सबसे ज्यादा किसान जुड़े डूंगरपुर केवीके से मोबाइल तकनीक व इंटरनेट ने दुनिया में बहुत कुछ बदला है। मोबाइल क्रांति ने किसानों को भी फायदा पहुंचाया है। किसान सारथी पोर्टल की मदद से किसान, वैज्ञानिकों से फोन से सीधे ही अपने मन की बात पूछ लेते हैं। वे खेतीबाड़ी, सब्जी से लेकर फल लगाने आदि में कहीं भी उलझन में पड़ते हैं तो मोबाइल से पोर्टल का नंबर डायल करते हैं। इससे वे अपनी जिज्ञासा का समाधान कर लेते हैं।

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घर -आंगन व खेतों से किसान वैज्ञानिकों से पूछ रहे मन की बात

घर -आंगन व खेतों से किसान वैज्ञानिकों से पूछ रहे मन की बात

35 हजार से ज्यादा किसान पंजीकृत
यह पोर्टल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) और डिजीटल इंडिया कॉर्पोरेशन का संयुक्त प्रयास है। यह किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, खेती के समृद्ध ज्ञान कोष व कृषि विशेषज्ञों से जोड़ता है। दक्षिणी राजस्थान में कृषि विज्ञान केन्द्र, डूंगरपुर में जनवरी में अब तक 35 हजार से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। इनमें महिलाओं की संख्या करीब तीन हजार से अधिक है। डूंगरपुर जिले के दस ब्लॉक में आने वाले गांव, ढाणी,फ ला के किसान जुड़े हैं, इन ब्लॉक के 1,154 गांव है।

समस्याओं का होता उचित समाधान
सारथी यानी कृषि सूचना संसाधनों का ट्रांसमिशन एवं टेक्नोलॉजी और एक इंटरफेस प्रणाली है। पोर्टल के नंबर डायल करने पर कॉल संबंधित जिले के वैज्ञानिक के पास डायवर्ट हो जाता है। अगर किसान के कॉल को रेस्पांस नहीं मिलता है तो संबंधित जिले के वैज्ञानिक के ऑनलाइन रिकॉर्ड में उस किसान से बात करना होगा, यह अंकित हो जाएगा। वैज्ञानिक वापस दिल्ली पोर्टल के नंबर पर जैसे ही उस किसान से बात करने के लिए आग्रह करेगा तो सिस्टम स्वत: किसान के नंबर को जोडकऱ बात करवा देगा।

समय-समय पर मिलते हैं उचित सुझाव
सारथी पोर्टल से केवीके डूंगरपुर की ओर से भी पंजीकृत किसानों को सुझाव दिए जाते हैं। इसमें उनको मौसम के अनुसार फ सलों में सावधानी बरतने, सीजन के अनुसार फ सलों की बुवाई, ध्यान रखने योग्य बातें आदि के संदेश हिंदी में टैक्स्ट मैसेज के रूप में भेजे जाते हंै। डूंगरपुर केवीके करीब 525 से ज्यादा संदेश भेज चुका है।


इनका कहना है—
हमारे यहां दो महीने में ही पंजीकरण संख्या 19 हजार से बढ़ाकर 35 हजार हो गई है। किसान सीधे पोर्टल के नंबर 18001232175 पर सम्पर्क कर सकते हैं। एक बार पहले उनको अपने जिले के केवीके में पंजीकरण कराना होगा तब ही वे पोर्टल से जुड़ पाएंगे। किसानों से उनकी स्थानीय भाषा में ही जवााब देते है। आने वाले समय में डूंगरपुर केवीके वॉइस रिकार्ड कर वॉइस मैसेज से भी किसानों को सलाह देने का प्रयास किया जाएगा।

- सी एम बलाई, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डूंगरपुर केवीके

केवीके में किसानों का पंजीकरण
जयपुर प्रथम 15,083
कोटा 14,972
झालावाड़ 12,763
बाड़मेर द्वितीय 12,747
जोधपुर प्रथम 11,752
सिरोही 11,463
टोंक 11,396
जालौर 10,507
चित्तौडगढ़ 10,335
अलवर प्रथम 10,098
जयपुर द्वितीय 10,051
(आंकड़े 1 दिसम्बर 2022 तक)

मुकेश हिंगड़— डूंगरपुर