
जिला फार्मा अध्यक्ष कुशल पंड्या व जिला फार्मासिस्ट कोषाध्यक्ष निलेश जैन। फोटो पत्रिका
Rajasthan Health : फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम 2025 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस प्रस्ताव को पीसीआई की 120वीं केंद्र परिषद की बैठक में मंजूरी दी है। अब परिषद ने इसे सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजते हुए तीन माह में उनकी राय मांगी है।
देश में पहली बार फार्मासिस्ट का स्वतंत्र कैडर बनेगा और इसका लाभ राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में तैनात करीब पांच हजार सरकारी फॉर्मासिस्टों को सीधा लाभ मिलेगा।
पीसीआई ने स्पष्ट किया है कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनके लिए एक समान कैडर पूरे देश में सेवा गुणवत्ता बढ़ाएगा। ड्राफ्ट के लागू होने पर फॉर्मासिस्टों पदनाम बदलकर ‘फार्मेसी ऑफिसर’ हो जाएगा। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार ड्राफ्ट नियम में फार्मेसी शिक्षा, पंजीकरण, सरकारी सेवा में भर्ती, प्रमोशन के लिए विशेष प्रावधान तय किए हैं। फार्मेसी ऑफिसर, सीनियर फार्मेसी ऑफिसर, असिस्टेंट चीफ फार्मेसी ऑफिसर आदि पदनाम तय किए गए हैं।
जिला फार्मा अध्यक्ष कुशल पंड्या ने बताया फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने बहुत बड़ा निर्णय लिया है। इसका स्वागत करते हैं। राजस्थान फार्मासिस्ट एसोसिएशन कई वर्षों से ग्रेड पे 4200 के लिए संघर्ष कर रहा है। आशा है कि प्रदेश सरकार जल्द इसे लागू करे, जिसे जिससे फार्मासिस्ट को उचित सम्मान मिल सके।
जिला फार्मासिस्ट कोषाध्यक्ष निलेश जैन ने बताया कि फार्मासिस्ट पीसीआई के नए प्रावधानों से प्रदेश के पांच हजार से अधिक सरकारी फार्मासिस्टों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार अब जल्द ही अपनी सकारात्मक टिप्पणी के साथ केन्द्र को सुझाव देते हुए इसे लागू करें।
Updated on:
28 Nov 2025 02:21 pm
Published on:
28 Nov 2025 02:21 pm
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