
बैठक में उपस्थित पंच। फोटो पत्रिका
Big Decisions : डूंगरपुर में सरोदा ग्राम पंचायत बुचिया बड़ा के नानेला फला में आदिवासी समाज सुधार महासमिति 'कांठल' की बैठक आयोजित की गई। इस महासमिति में 16 गांवों के पंचों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त करना, फिजूलखर्ची पर रोक लगाना और बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक सुधार लाना रहा।
महासमिति ने समाज की बेहतरी के लिए कई कड़े और अहम फैसले लिए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने पर सहमति बनी। इसके तहत विवाह कार्यक्रमों में दहेज सामग्री और अनावश्यक दिखावे पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। चांदी चढ़ाने की सीमा भी समाज द्वारा निर्धारित दायरे में तय की गई है।
सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा। इसकी जगह पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोल, कुंडी, तासे और शहनाई को बढ़ावा दिया जाएगा। परिवार पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए शादियों और मृत्यु पश्चात होने वाले क्रियाकर्मों में 'कपड़ा प्रथा' को पूर्णतः बंद करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही नाबालिग और अविवाहित लड़कियों को मोबाइल फोन से दूर रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही, त्योहारों के समय बाजार में अनावश्यक घूमने-फिरने पर भी रोक लगाने की बात कही गई। समाज के युवाओं के लिए बाइक चलाते समय हेलमेट अनिवार्य किया गया है।
बैठक को राजेंद्र कुमार रोत (तोरणियां), मानशंकर खराड़ी (लिबोड बड़ी), प्रेमशंकर डामोर आरा, भोगीलाल दायमा बुचिया, प्रकाश अहारी लिबोड बड़ी, रामलाल बामणिया, थाना चिबुडा, होमजी रोत तोरणिया, भुरजी कलासुआ, अर्जुनलाल, लक्ष्मण, लालु दायमा, हरीश डामोर, दीतिया रोत, मरता डिंडोर, सोमा डिंडोर , कचरा दायमा, गणेश दायमा प्रकाश दायमा, लसू दायमा, वासु दायमा, नारायण, गवरा दायमा कलु दायमा, देव, सोमी, कमला दायमा, गणेश दायमा आदि उपस्थित रहे।
Updated on:
08 Feb 2026 10:07 am
Published on:
08 Feb 2026 10:07 am
