
दुर्ग . दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 4 में गुरुवार को घर से भागा हुआ एक नाबालिग मिला। प्लेटफार्म 4 में गुमसुम खड़े मासूम योगेश, उम्र 14 साल से आरपीएफ अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो वे भी हतप्रभ रहे गए। मासूम का कहना है कि वह अपने नगर सैनिक पिता के भय से घर से भागा है।
छुरा से पहुंचा दुर्ग
नाबालिग ने बताया कि वह ग्राम छुरा से पहले गरियाबंद पहुंचा। फिर गरियाबंद से रायपुर व आज सुबह दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचा। इस मासूम को यह भी पता नहीं कि उसे कहां जाना है। आरपीएफ प्रभारी पी. तिवारी ने बताया कि इस नाबालिग को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया है। चाइल्ड के सदस्य नाबालिग के घरवालों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी तरह का रिस्पांस नहीं मिल रहा है।
मां छोड़कर चले गई
दुर्ग रेलवे स्टेशन में मिले नाबालिग का कहना है कि उसकी मां, पिता के मारपीट से तंग आकर छोड़कर चले गई है। योगेश अपनी मां का बड़ा बेटा है। योगेश के अलावा दो छोटे भाई बहन भी है। पिता के डर से वह भी उस घर को छोड़कर निकल गया।
ट्रेक्टर चलाने की बात से डर गया
नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया कि दो दिन पहले घर में खड़ी ट्रेक्टर को चला रहा था। इसे सौतेली मां ने देख लिया। सौतेली मां ने फोन पर पिता को ट्रेक्टर चलाने की बात बताई थी। जिससे उसके पिता खासे नाराज था। घर लौटने पर पिता मारेंगे ये सोचकर वह घर से निकल गया। किसी तरह दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंच गया।
नाबालिग के पिता नगर सैनिक
रेलवे स्टेशन में मिले मासूम ने बताया कि उसके पिता नगर सैनिक में नौकरी करते हैं। वे छुरा थाना में पदस्थ हैं। योगेश की सौतेली मां का एक बेटा भी है। नगर सैनिक पिता के डर से वह वापस घर नहीं लौटना चाहता। इधर चाइल्ड लाइन ने बालक को अपने संरक्षण में ले लिया है। बालक को सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। जिसके बाद उसे बालकगृह में सुरक्षित रखा जाएगा। जब तक उसके परिजन दुर्ग आकर बालक को नहीं ले जाते।
Published on:
14 Dec 2017, 1:28 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.