
दुर्ग@Patrika. धमधा थाना क्षेत्र की नाबालिग से 5 साल तक दुष्कर्म करने वाले रमाकांत महिलांगे (23 वर्ष) को न्यायालय ने दोषी ठहराया। न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने फैसले में रमाकांत को दुष्कर्म की धारा के तहत आजीवन कारावास और पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 10 साल कठोर कारावास में रखे जाने का निर्देश दिया है। दोनों ही धारा के तहत आरोपी को कुल 2000 रुपए जुर्माना भी किया है।
घटना की शिकायत पीडि़त नाबालिग ने 8 जून 2016 को की थी
प्रकरण के मुताबिक घटना की शिकायत पीडि़त नाबालिग ने 8 जून 2016 को की थी। तब उसकी उम्र 16 साल थी। पीडि़ता ने पुलिस को बताया था कि रमाकांत पांच वर्ष से दुष्कर्म कर रहा है। उसने पत्नी बनाकर रखने की बात कही थी। मामला जब सार्वजनिक हुआ तो वह बातचीत बंद कर दिया।
गांव में हुई बैठक
पीडि़त परिजनों का कहना था कि घटना का खुलासा होने पर रमाकांत को शादी करने का प्रस्ताव दिया था। इंकार करने पर गांव में बैठक बुलाई गई। गांव प्रमुखों का कहना था कि बालिग होने के बाद चाहे तो वह शादी कर सकता है, लेकिन ग्रामीणों की बातों को भी आरोपी ने नजर अंदाज कर दिया।
मिला प्रतिकर
आरोपी ने फैसला सुनाए जाने के बाद जुर्माना राशि को न्यायालय में जमा किया। न्यायाधीश ने जुर्माना राशि को तत्काल प्रतिकर के रुप में पीडि़ता को देने निर्देश दिया। साथ पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया
अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में कुल ११ गवाह थे। सभी ने घटना का समर्थन किया। अंतिम तर्क के दौरान दलील दी थी कि पहली बार जब नाबालिग से दुष्कर्म हुआ तब उसकी उम्र १२ साल की थी। इस उम्र में बच्चों में समझ नहीं होती। आरोपी ने बहला फुसलाकर दैहिक शोषण किया है। इसे न्यायालय ने सही ठहराया।
Published on:
28 Jul 2018, 9:31 PM IST
बड़ी खबरें
View Allदुर्ग
छत्तीसगढ़
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.