
आंखों में इंफेक्शन से लेकर पेट की दिक्कतों का रामबाण उपाय है गेंदे का फूल, इन 10 तरीकों से करें इस्तेमाल
नई दिल्ली। यूं तो गेंदे का फूल साज-सजावट और भगवान को चढ़ाने के लिए किया जाता है। मगर क्या आपको पता है कि ये आपको कई बीमारियों से भी बचा सकता है। दरअसल गेंदे के फूल और पत्तियों में मौजूद एंटी बायोटिक, एंटी फंगल एवं अन्य औषधीय तत्व रोगों से लड़ने में मदद करते हैं।
1.गेंदे के फूल में एंटीइंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं। ये सूजन को कम करने और चोट को ठीक करने में उपयोगी साबित होता है। प्रभावित जगह पर इसका लेप लगाना फायदेमंद होता है।
2.गेंदे में एंटी माइक्रोबियल और एंटी इंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं। ये बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं। इसलिए मुंहासों को खत्म करने के लिए उपयोगी होता है। इसे लगाने के लिए गेंदे के फूल की पंखुड़ियों को गुलाब जल के साथ पीसकर लगाएं।
3.गेंदे के फूल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसलिए गेंदे की चाय पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है। इससे बुखार और सर्दी-जुकाम आदि में लाभ होता है।
4.अगर किसी के मसूड़ों में सूजन है तो गेंदे का एक्सट्रेक्ट टूथपेस्ट में मिलाकर लगाएं। ऐसा करने से गेंदे का एक्सट्रेक्ट टूथपेस्ट में मिलाकर लगाने गेंदे का एक्सट्रेक्ट टूथपेस्ट में मिलाकर लगाने सूजन और खून आने की समस्या बंद होगी।
5.अगर आंखों में इंफेक्शन हो गया हो जिसके चलते पानी आना और जलन की समस्या हो गई हो तो गेंदे के एक्सट्रैक्ट को को देसी घी के साथ मिलाकर आंखों में लगाएं। ऐसा करने से समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
6.अगर त्वचा में जलन होती है या धूप में निकलते ही इरिटेशन होती है और स्किन लाल हो जाती है। तो तो गेंदे की पत्तियों को पीसकर लगाएं। इससे आराम मिलेगा।
8.गेंदा शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देता है। यह पाचन तंत्र के लिए लाभकारी साबित होता है। इसलिए इसके रस को शहद के साथ मिलाकर पीना अच्छा रहता है।
9.गेंदे की चाय पीने से संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। इससे सर्दी-जुकाम या मौसमी बीमारियां होने का खतरा कम होता है।
10.गेंदे में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण इंफेक्शन से बचाते हैं। अगर आपको चोट लग गई हो तो गेंदे की पत्तियां पीसकर लगाने से घाव बढ़ नहीं पाता है।
Published on:
6 Jul 2019, 1:51 PM IST
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