
समय पर नहीं पूरे हुए 369 प्रोजेक्ट्स, सरकारी खजाने पर बढ़ा 3380 अरब रुपए का बोझ
नई दिल्ली। देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में चल रही कुल 1,420 परियोजनाओं में से 369 की लागत पहले लगाये गये अनुमान से ऊपर निकल गयी है। साथ ही अन्य 366 परियोजनाओं पर काम तय समय से काफी देरी से चल रहा है। इसके बारे में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर व रियल एस्टेट सेक्टर का भारत की कुल जीडीपी में 29.5 फीसदी की हिस्सेदारी
प्राॅपर्टी कंस्ल्टेंट कंपनी एनारॉक और एसोसिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (इंडिया) ने 'इंफ्रास्ट्रक्चर एंड रीयल एस्टेट: ए फुलक्रुम फॉर चेंज एंड इकोनॉमिक ग्रोथ' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बहुत अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करना इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर के विकास पर निर्भर करता है, क्योंकि जीडीपी में इस क्षेत्र के अकेले का योगदान 29.5 फीसदी तक होता है।
कुल अनुमान 3,380 अरब के पार
रिपोर्ट में कहा गया है, "अवसंरचना परियोजनाओं की चुनौतियों को समझने के लिए ये आंकड़े ही पर्याप्त हैं कि कुल 1,420 परियोजनाओं में जिन पर काम चल रहा है, उनमें से 369 की लागत पहले लगाये गये अनुमान से 3,380 अरब रुपये तक बढ़ गयी है जबकि 366 परियोजनाओं में औसतन 46 महीने तक की देरी चल रही है।" रिपोर्ट के अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स आैर रियल एस्टेट सेक्टर का भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 29.5 फीसदी तक का योगदान है जबकि अमेरिका की जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान 22.6 फीसदी और चीन की अर्थव्यवस्था में 17.6 फीसदी तक है।
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Published on:
03 Mar 2019 05:13 pm
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