Budget 2019 : नकदी संकट को कम करने और नए रोजगार बढ़ाने पर रहेगा वित्त मंत्री का फोकस

Budget 2019 : नकदी संकट को कम करने और नए रोजगार बढ़ाने पर रहेगा वित्त मंत्री का फोकस

Shivani Sharma | Publish: Jul, 04 2019 03:06:57 PM (IST) | Updated: Jul, 04 2019 04:33:49 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • निर्मला सीतारमण (NIrmala Sitharaman) 5 जुलाई को बजट पेश करेंगी।
  • इस बार बजट (Budget 2019 ) की राह सरकार के लिए आसान नहीं होगी।
  • इस बार बजट में सरकार ऑटो, सीमेंट, बीएफएसआई सेक्टर को राहत दे सकती है।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ( Modi govt ) अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश करेगी। निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) के इस बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। शुक्रवार को 11 बजे निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) बजट की स्पीच देंगी। सभी क्षेत्र के लोगों को इस आम बजट 2019 ( budget 2019-20 ) से काफी उम्मीदें हैं। इस बार बजट ( Budget ) की राह सरकार के लिए आसान नहीं होगी क्योंकि निर्मला सीतारमण ऐसे समय आम बजटमें बजट पेश कर रही हैं जब देश में कम विकास दर, रोजगार में कमी, बचत और उपभोग में गिरावट, मॉनसून की खराब शुरुआत, कच्चे तेल के बढ़ते दाम, वैश्विक सुस्ती और ग्लोबल ट्रेड वॉर जैसी कई चुनौतियां उनके सामने हैं। इन सभी फैक्टर्स से ग्लोबल और घरेलू दोनों तरह की ग्रोथ प्रभावित होती है। रिलायंस सिक्योरिटी के ईडी एंव सीईओ बी गोपकुमार ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि बजट से क्या उम्मीदें हैं।


जीडीपी ( GDP ) में रफ्तार के लिए ठोस कदम

छोटे कारोबारियों से लेकर के आम जनता और किसानों तक सभी को उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण के पिटारे से इस बार कुछ खास निकल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) को जीडीपी की रफ्तार को बढ़ाने के लिए तुरंत कोई सख्त कदम उठाना होगा। इसके साथ ही कृषि संकट और वित्तीय क्षेत्र के संकटों को ठीक करने के लिए भी जल्द से जल्द कोई एक्शन लेना होगा। मोदी सरकार आने वाले 5 सालों में टैक्स सिस्टम में भी बड़े बदलाव कर सकती है। टैक्स सुधार में सरकार का फोकस कॉरपोरेट टैक्स की दरों को कम करने पर होगा। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।


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वित्तीय क्षेत्र में भी खड़ी हुई परेशानियां

हालांकि, बैंकिंग क्षेत्र एनपीए और गैर-बैंकिंग वित्त क्षेत्र (एनबीएफसी) में लोन न चुकाने के कारण वित्तीय क्षेत्र में भी संकट खड़ा हो गया है। सरकार को बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ऐसे नियमों को बनान होगा, जिसमें लोन डूबने की संभावनाएं कम हो। देश में हुए करोड़ों रुपए के लोन घोटाले के बाद वित्तीय संकट में काफी परेशानियां आ गईं हैं। इस बार सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मदद के लिए भी फंड बनाना चाहिए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को इस समय अधिक पूंजी की आवश्यक्ता है। इसके अलावा सरकार को IBC मामलों का जल्द से जल्द समाधान करने के लिए और बैंकों को अच्छी गुणवत्ता की एनबीएफसी संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना वित्तीय क्षेत्र के संकट को कम कर सकता है।


LTCG करेगा बाजार को बूस्ट

सरकार लिक्विडिटी फंड बनाकर शैडो बैंकिंग और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर फोकस करने से भी देश की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा। अगर सरकार इस तरह की कोई भी घोषणा करती है तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलेगी और सभी लोग खुशी-खुशी इसका स्वागत करेंगे। इसके अलावा देश में विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार अच्छे रुपए खर्च कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को fiscal prudence का भी इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही बाजार में बहार लाने के लिए सरकार को लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर ध्यान देगा होगा। अगर long-term capital gains की ओर सरकार ध्यान देती है तो आने वाले समय में बाजार भी काफी ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। इससे कंपनियों की इक्विटी भागीदारी बढ़ेगी और घरेलू बचत को अर्थव्यवस्था में शामिल करने में मदद मिलेगी।


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आगामी बजट से कई सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। इनमें ऑटोमोबाइल, बीएफएसआई, कैपिटल गुड्स और सीमेंट शामिल हैं। आइए आपको बताते हैं कि इन खास सेक्टर्स को बजट से क्या उम्मीदें हैं-

ऑटोमोबाइल सेक्टर

1. सरकार को स्क्रैप स्कीम चलानी चाहिए, जिससे लोग पुराने वाहनों को बेचकर नए वाहन खरीदने पर जोर दें।

2. हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों पर अच्छी छूट दी जानी चाहिए, जिससे लोग प्रदूषणयुक्त वाहनों का कम से कम प्रयोग करें।

3. ग्रामीण की मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए और ग्रामीणों में लोग के लिए बढ़ावा देना चाहिए।

बीएफएसआई (BFSI)

1. टैक्स के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में जमा को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

2. इंडिया को डिजिटल बनाने के लिए सरकार को और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना चाहिए।

3. एनएचबी और एचएफसी बैंकों को सपोर्ट करना चाहिए

सीमेंट सेक्टर (Cement)

1. सरकार को रुरल इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता वाली सीमेंट की खपत को और बढ़ाना चाहिए।

2. इंफ्रस्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट को भी बढ़ावा देना चाहिए

3. ग्रामीण सड़कों सहित ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर भी जोर देना चाहिए

कैपिटल गुड्स (Capital Goods)

रेलवे और रक्षा बजट में सरकार को आम जनता के लिए अच्छी योजनाएं बनानी चाहिए। इसके साथ ही स्मार्ट शहरों और ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं की ओर भी ध्यान देना चाहिए

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