
अरुण जेटली का रघुराम राजन को करारा जवाब, कहा- दो तिमाही तक रहा GST का नकारात्मक असर
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करने वाले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करारा जवाब दिया है। वित्त मंत्री ने राजन का नाम लिए बगैर कहा है कि जीएसटी भारत के लिए एेतिहासिक टैक्स सुधार प्रक्रिया थी। जेटली ने कहा कि केवल दो तिमाही तक इसका नकारात्मक असर दिखा था। अब इसका सकारात्मक असर दिख रहा है।
हमेशा मिलेंगे आलोचक: जेटली
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 100वें स्थापना दिवस समारोह को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आपको कई एेसे आलोचक मिल जाएंगे जो कहेंगे कि जीएसटी ने देश की विकास दर को धीमा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद दो तिमाही तक विकास दर धीमी रही थी। अब एक बार फिर विकास दर सात फीसदी के स्तर तक पहुंच गई हैं। जेटली ने कहा कि पिछली तिमाही में विकास दर बढ़कर 8.2 फीसदी तक पहुंच गई थी जो 2012-14 के बीच दर्ज की गई 5-6 फीसदी की विकास दर से काफी अधिक है।
एनपीए में सुधार पर दिया जोर
एनपीए को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और विकास दर को सहारा देने के लिए एनपीए को कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कई तरह के विकल्प अपनाए जा रहे हैं। इसके लिए बैंकिंग प्रणाली में भी सुधार लाया जा रहा है। आपको बता दें कि इस समय एनपीए का करीब 70 फीसदी हिस्सा सरकारी बैंकों का है।
ये कहा था रघुराम राजन ने
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बीते शुक्रवार को बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में एक कार्यक्रम में कहा था कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से पिछले एक साल में देश की आर्थिक विकास दर में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी-जीएसटी से चार साल पहले यानी 2012 से 2016 तक भारत की विकास दर की रफ्तार काफी तेज रही थी। लेकिन मोदी सरकार के इन कदमों से विकास दर एेसे समय में गिरी है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में उछाल चल रहा था।
Published on:
12 Nov 2018 01:31 pm
