
नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में देश ने एक नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है। लगातार तीसरे सप्ताह बड़ी वृद्धि के साथ 439.71 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस आंकड़े को देखकर देश की सरकार को बड़ी राहत मिलेगी। इसका कारण है देश में फैली आर्थिक मंदी। इसी विदेशी पूंजी की वजह से देश को आर्थिक संकट से बचाने का प्रयास किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में इजाफा देखने को मिला है। सोने के भंडार को लेकर बुरी खबर है। इसमें कमी देखने को मिली है।
विदेशी पूंजी भंडार में इजाफा
रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 11 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 1.87 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 439.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो अब तक नया रिकॉर्ड स्तर है। गत चार अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में यह 4.24 अरब डॉलर बढ़कर 437.83 अरब डॉलर पर रहा था। इससे पहले 27 सितंबर को समाप्त सप्ताह में यह 5.02 अरब डॉलर उछलकर 433.59 अरब डॉलर के तत्कालीन रिकॉर्ड स्तर पर रहा था।
सोने के भंडार में देखने को मिली कमी
आंकड़ों के अनुसार, 11 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 2.26 अरब डॉलर बढ़कर 407.88 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान स्वर्ण भंडार 39.9 करोड़ डॉलर घटकर 26.77 अरब डॉलर पर रहा। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 70 लाख डॉलर बढ़कर 3.62 अरब डॉलर के पार और विशेष आहरण अधिकार 20 लाख डॉलर की वृद्धि के साथ 1.43 अरब डॉलर के पार पहुंच गया।
Updated on:
19 Oct 2019 08:29 am
Published on:
18 Oct 2019 07:07 pm
