देश की जनता का मिजाज जानने के लिए खर्च होते हैं करोड़ों रुपए, ये कंपनियां कराती हैं एग्जिट पोल

देश की जनता का मिजाज जानने के लिए खर्च होते हैं करोड़ों रुपए, ये कंपनियां कराती हैं एग्जिट पोल

Shivani Sharma | Publish: May, 20 2019 10:36:35 AM (IST) | Updated: May, 20 2019 01:15:48 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • लोकसभा चुनाव 2019 की वोटिंग प्रक्रिया रविवार को समाप्त हो गई
  • वोटिंग खत्म होने के बाद सभी मीडिया हाउस अपने-अपने एग्जिट पोल दिखाते हैं
  • कैसे किए जाते हैं एग्जिट पोल और इसे कराने में आता है कितना खर्च

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 की वोटिंग प्रक्रिया रविवार को समाप्त हो गई है। वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सभी मीडिया हाउस अपने-अपने एग्जिट पोल दिखाते हैं। वोटिंग के बाद सभी लोगों को इस बात का उत्साह रहता है कि इस बार किसकी सरकार बनने की उम्मीद है। हालांकि इन एग्जिट पोल में करोड़ों रुपए का खर्च आता है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे होते है एग्जिट पोल और इसको करने में एक कंपनी को लगभग कितने रुपए खर्च करने होते हैं।

सैंपल साइज के हिसाब से आता है खर्च

आपको बता दें कि एग्जिट पोल के लिए हर एक कंपनी एक सैंपल साइज रखती है, जिसके आधार पर ही एग्जिट पोल किया जाता है। अगर आप छोटा सैंपल साइज रखते हैं तो आपको कम रुपए खर्च रने होते हैं और वहीं अगर आप ज्यादा सैंपल साइज रखते हैं तो आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होते हैं। एग्जिट पोल कराने के लिए मीडिया हाउस रिसर्च एजेंसियों के साथ टाई-अप कर लेते हैं, जो उनके लिए काम करते हैं और ग्राउंड पर जाकर जनता का रुख लेकर के आती हैं। एजेंसियों के मुताबिक अगर सैंपल साइज 60 हजार लोगों का है तो फिर इस पर तीन करोड़ का खर्च आएगा।

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एक सैंपल साइज पर खर्च होते हैं 500 रुपए

रिसर्च एजेंसियों ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में एक लाख के सैंपल साइज पर लगभग पांच करोड़ रुपए का खर्च आता है। वहीं अगर औसतन निकाला जाए तो एक सैंपल साइज पर लगभग 500 रुपए का खर्च आता है और जिन लोगों के द्वारा सर्वे कराया जाता है उन लोगों को भी कंपनी के द्वारा वेतन के रुप में कुछ न कुछ राशि दी जाती है। इन कर्मचारियों को मासिक वेतन पर नहीं रखा जाता है, बल्कि इन कर्मचारियों को प्रोजेक्ट के आधार पर रखा जाता है।

कैसे किया जाता है एग्जिट पोल

आपको बता दें कि एग्जिट पोल हमेशा मतदान वाले दिन ही किया जाता है। जब मतदाता वोट डालने के लिए जाते हैं तो वहीं बूथ पर वोटर से उनका मिजाज जानने के लिए सवाल किए जाते हैं और इन्ही सवालों के आधार पर एग्जिट पोल निर्भर करता है। वोटर से पूछे गए सवालों से यह पता लग जाता है कि इस बार चुनाव की किसकी लहर चल रही है और किसकी सरकार बन सकती है। वोटिंग के दिन जुटाए गए आंकड़ों का विश्लेषण कर चुनाव के आखिरी दिन शाम को एग्जिट पोल दिखाया जाता है, लेकिन जब मतदान कई चरणों में होता है तो आखिरी चरण के बाद ही एग्जिट पोल का प्रसारण किया जाता है।

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इन कंपनियों ने लिया एग्जिट पोल में भाग

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कई रिसर्च कंपनियों ने एग्जिट पोल किया था, जिसमें IPSOS, एक्सिस, वीएमआर, सी वोटर, नीलसन, चाणक्य आदि शामिल थीं। इन सभी रिसर्च कंपनियों ने मीडिया हाउस के साथ टाई अप कर लिया था और उनके लिए ग्राउंड पर जाकर लोगों का मिजाज जाना था। इसी मिजाज के आधार पर रविवार को सभी मीडिया हाउस ने अपने एग्जिट पोल का प्रसारण किया था, जिसमें यह सामने आया कि इस बार भी लोकसभा चुनाव में एनडीए को बढ़त मिलेगी और देश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बन सकती है।

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