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विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, चार सप्ताह में पहली बार 400 अरब डॉलर से नीचे

इससे पहले 28 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.27 अरब डॉलर घटकर 400.53 अरब डॉलर रहा था।
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रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 21 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.26 अरब डॉलर बढ़कर 377.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान स्वर्ण भंडार भी 3.59 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 20.41 अरब डॉलर पर रहा। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 43 लाख डॉलर बढ़कर 2.48 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार 26 लाख डॉलर बढ़कर 1.48 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह घटता हुआ 05 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में एक बार फिर 400 अरब डॉलर के नीचे आ गया। आलोच्य सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 91.58 करोड़ डॉलर घटकर 399.61 अरब डॉलर रह गया। यह चार सप्ताह का इसका निचला स्तर है। इन चार सप्ताहों में यह पहली बार 400 अरब डॉलर से नीचे उतरा है। इससे पहले 28 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.27 अरब डॉलर घटकर 400.53 अरब डॉलर रहा था।

स्वर्ण भंडार में 10.73 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी

रिजर्व बैंक से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 05 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.01 अरब डॉलर घटकर 375.23 अरब डॉलर रह गई। हालांकि, स्वर्ण भंडार 10.73 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.45 अरब डॉलर रह गया। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 72 लाख डॉलर घटकर 2.46 अरब डॉलर और विशेष आहरण अधिकार 43 लाख डॉलर की गिरावट के साथ 1.47 अरब डॉलर पर आ गया।

कच्चे तेल की कीमतों से गिर रहा विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा भंडार में बीते चार सप्ताह से गिरावट देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपए की गिरावट माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपए में गिरावट के कारण भारत को आयात करने के लिए ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है। इस कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ रहा है।