इसके अलावा बजट दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि सरकारी खजाने में से सबसे ज्यादा रकम राज्यों को दी जाएगी। आम आदमी के द्वारा भुगतान किए गए टैक्स के एक रुपए में से 23 पैसे राज्यों को दिए जाएंगे। ब्याज भुगतान पर 18 पैसे , रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन पर 9 पैसे खर्च होंगे। वहीं, केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाओं पर 13 पैसे खर्च होंगे जबकि केन्द्र प्रायोजित योजनाओं पर 9 पैसे खर्च होंगे। वित्त आयोग की सिफारिशों पर हस्तांतरण पर सात पैसे खर्च होंगे। सब्सिडी के लिए आठ पैसे खर्च किए जाएंगे जबकि पेंशन पर पांच पैसे का खर्च होगा। आठ पैसे सरकार दूसरे कार्यों पर खर्च करेगी।