
कच्चे तेल के भाव में कमी, जानिए भारत समेत दूसरी अर्थव्यवस्थाआें पर क्या होगा असर
नर्इ दिल्ली। कुछ माह पहले ही कच्चे तेल की कीमतों में लगतार तेजी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बहुत जल्द ये 100 डाॅलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं। लेकिन, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग इसके आधे स्तर पर फिसल चुकी हैं। एेसे में आइए जानते हैं कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इतनी भारी गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
मांग पर निर्भर होगा की किन्हें कितना मिलेगा फायदा
भारत व दक्षिण अफ्रीका जैसे एनर्जी आयात करने वाले देशों के लिए कच्चे तेल में कमजोरी का फायदा मिल सकता है। जबकि तेल उत्पादक देश जैसे रूस व सऊदी अरब को नुकसान होगा। लेकिन बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आने वाले दिनाें में कच्चे तेल की मांग कैसी रहती है। साथ ही वैश्विक बाजार में डाॅलर के प्रदर्शन व उत्पादक देश मांग को कैसे पूरा करते हैं, इसपर भी निर्भर करता है।
वैश्विक ग्रोथ पर क्या होगा असर ?
नाॅर्दन हेमिस्फेयर में सर्दी का मौसम आने के साथ ही तेल की कीमतों में गिरावट से हाउसहोल्ड के साथ कर्इ तरह के बिजनेस को एक एेसे समय में फायदा होगा जब अार्थिक रफ्तार धीमी पड़ रही है। एेसे में भारत व दक्षिण अफ्रीका जैसे देश जहां कच्चे तेल का अायात होता व राजकोषीय घाटा अधिक है, कच्चे तेल में कमजाेरी से फायदा होगा। चीन कच्चे तेल के आयात के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है, साथ ही ट्रेड वार की वजह से चीनी अर्थव्यवस्था के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही है।
मुद्रास्फिति पर क्या होगा असर?
तेल की कीमतों में कमी का मतलब है कि मुद्रास्फिति पर कम दबाव। केंद्रीय बैंक पर भी ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनर्जी से सेक्टर भारत के लिए गेम चेंजर सबित हो सकता है। साथ ही रिजर्व बैंक ब्याज दरों के मामले में सही रुख अपना सकता है।
उभरते बाजार पर क्या होगा असर?
आर्थिक मामलों के जानकारों के मुताबिक, तेल आयात करने वाले उभरती अर्थव्यवस्थाआें में कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डाॅलर प्रति बैरल से उनकी जीडीपी पर 0.5 से 0.7 फीसदी तक का असर पड़ सकता है। वहीं, खाड़ी देशों की जीडीपी पर इसका 3 से 5 फीसदी का असर देखने को मिल सकता है। यूएर्इ, रूस, नाइजीरिया जैसे देशों की जीडीपी पर 1.5 से 2 फीसदी का असर देखने को मिलेगा।
Published on:
27 Nov 2018 05:11 pm
