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देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, 14 सालों के निचले स्तर पर आया नया घरेलू निवेश

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के प्रॉजेक्ट-ट्रैकिंग डेटाबेस के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में नया निवेश 14 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
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Saurabh Sharma

Jan 03, 2019

Indian economy

देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, 14 सालों के निचले स्तर पर आया नया घरेलू निवेश

नर्इ दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका लगा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के प्रॉजेक्ट-ट्रैकिंग डेटाबेस के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में नया निवेश 14 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की बाकी अर्थव्यवस्थाआें के मुकाबले सबसे ज्यादा तेजी से उभरने वाली अर्थव्यवस्था रही है। एेसे में यह आंकड़ा देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका हैै।

कुछ एेसे नजर आए हैं आंकड़ें
- भारतीय कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में एक लाख करोड़ रुपए के प्रॉजेक्ट की घोषणा की है।
- सितंबर तिमाही की तुलना में 53 फीसदी कम और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 55 फीसदी कम है।
- नई परियोजनाओं में यह गिरावट निजी क्षेत्र द्वारा प्रॉजेक्ट की घोषणाओं में कमी के कारण सामने आई है।
- सितंबर तिमाही की तुलना में दिसंबर तिमाही में निजी क्षेत्र की परियोजनाओं में 62 फीसदी की गिरावट आई है।
- वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में इसमें 64 फीसदी की गिरावट आई है।
- चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही की तुलना में दिसंबर तिमाही में नई सरकारी परियोजनाओं में भी गिरावट देखने को मिली है।
- दिसंबर तिमाही में ताजा निवेश में पिछली तिमाही की तुलना में 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
- पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 फीसदी की गिरावट देखी गई है, जो दिसंबर 2004 के बाद अपने निचले स्तर पर है।

बैड लोन भारतीय उद्योग पर पड़ा भारी
बैड लोन में लगातार बढ़ोतरी, चुनावों से पहले नीतियों की अनिश्चितताओं में बढ़ोतरी और लटकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में किसी प्रकार का सुधार नहीं होना भारतीय उद्योग के उत्साह पर भारी पड़ा है। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में लटकी परियोजनाओं की लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है।