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मूडीज ने किया अपनी रिपोर्ट में दावा, 3.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना मुश्किल

मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस की आेर जारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार के लिए 2019-20 में 3.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना मुश्किल है।
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Saurabh Sharma

Feb 04, 2019

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मूडीज ने किया अपनी रिपोर्ट में दावा, 3.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना मुश्किल

नर्इ दिल्ली। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस की आेर जारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार के लिए 2019-20 में 3.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना मुश्किल है। एेसा देश में होने वाले अधिक खर्चे आैर राजस्व की सुस्ती के कारण हो सकता है। मूडीज की यह रिपोर्ट एेसे समय पर आर्इ है जब देश में अंतरिम बजट पेश किया गया है। अंतरिम बजट के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने राजकोषीय घाटे को लेकर कहा था कि 3.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को आसानी से कायम रख पाएगी। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस के मैनेजिंग डायरेक्टर जेन फांग के अनुसार यह तभी कम हो सकता है जब केंद्र सरकार राजकोषीय समेकन के पथ पर मौजूद रहे।

सरकार काे करना होगा मुश्किलों का सामना
आपको बता दें कि राजकोषीय अनुशासन और बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित रास्ते से अलग सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.4 फीसदी पर रखा है। जबकि वास्तविक लक्ष्य 3.1 फीसदी का है। फांग के अनुसार सरकार का वृद्धि अनुमान तार्किक नजर आता है। मूडीज का मानना है कि सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह मूल रुप से खर्च में संरचनात्मक वृद्धि तथा राजस्व बढ़ाने में दिक्कतों के कारण होगा।

राजकोषीय घाटा लक्ष्य अनुमान से ज्यादा
फांग के अनुसार मार्च 2020 को समाप्त हो रहा है। एेसे में उक्त वित्त वर्ष के लिए 3.4 फीसदी राजकोषीय घाटे का जो लक्ष्य रखा गया है वो अनुमान से ज्यादा है। फांग के अनुसार इसका महत्वपूर्ण कारण है छोटे किसानों को वित्तीय मदद देने से खर्च में वृद्धि। साथ सालाला 5 लाख रुपए कमाने वाले वालों को इनकम टैक्स में छूट है। आपको बता दें कि वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपए की मदद तथा पांच लाख रुपए तक की आय को आयकर से मुक्त करने की घोषणा की गई है।