अब मूडीज ने दिया मोदी सरकार को झटका, अनुमानित विकास दर घटाकर की 6 फीसदी से की नीचे

अब मूडीज ने दिया मोदी सरकार को झटका, अनुमानित विकास दर घटाकर की 6 फीसदी से की नीचे

Saurabh Sharma | Updated: 11 Oct 2019, 07:44:02 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • आर्थिक एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 की अनुमानिक विकास दर की 5.8 फीसदी
  • आरबीआई भी अनुमानित विकास दर को 6.8 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया

नई दिल्ली। आर्थिक मंदी के इस दौर में भारत सरकार को आरबीआई के साथ दुनिया की नामी आर्थिक एजेंसिया भी झटका दे रही हैं। अब जो झटका दिया है वो मूडीज है। मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 की अनुमानित विकास दर कम करते हुए 6 फीसदी से नीचे खिसका दिया है। जबकि इससे पहले मूडीज ने 6.2 फीसदी का अनुमान लगाया था। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में यह विकास दर 6.6 फीसदी तक पहुंच सकती है। जिसके आने वाले सालों में 7 फीसदी के पहुंचने के आसार हैं। आपको बता दें कि हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से भारत की अनुमानित विकास दर को 6.8 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया था।

यह भी पढ़ेंः- मंदी के दौर में गाेवा में हुआ गाड़ी खरीदना सस्ता, रोड टैक्स में 50 फीसदी की कटौती

मूडीज ने विकास दर घटाने का यह बताया कारण
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार भारत की जीडीपी के 8 फीसदी तक पहुंचने के आसार थे। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा निवेश आधारित सुस्ती ने जीडीपी को कमजोर करने का काम किया। वहीं मांग में कमी, ग्रामीण इलाकों में आर्थिक दबाव, उच्च बेरोजगारी दर और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान के पास कैश की किल्लत जैसी समस्याओं ने आर्थिक सुस्ती की समस्या को और ज्यादा गंभीर बनाया।

यह भी पढ़ेंः- विस्तारा फेस्टिव सेलः मात्र 1199 रुपए में मिल रहा है हवार्इ सफर करने का मौका

कर्ज का भी बढ़ेगा बोझ
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार अगर अर्थव्यवस्था में सुस्ती जारी रही तो कई गंभीर परिणाम सामने आएंगे। जिसके कारण राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आपको बता दें कि सरकार की ओर से कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान किया हुआ था, जिसकी वजह से सरकारी खजाने पर 1.5 लाख करोड़ का बोझ पडऩे के आसार हैं। मूडीज के अनुसार इस छूटसे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे का आंकड़ा जीडीपी के 3.70 फीसदी पर पहुंच सकता है। वहीं सरकार ने राजकोषीय घाटे का अनुमान 3.30 फीसदी रखा है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned