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RBI ने कहा- व्यवस्था में जरूरत से अधिक नकदी उपलब्ध, मौजूद विकल्पों के माध्यम से पूरी करेंगे जरूरतें

नकदी की किल्लत को लेकर गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि व्यवस्था में पर्याप्त मात्रा से अधिक नकदी है। हम बाजार की जरूरतों के हिसाब से आैर अपने पास उपलब्ध विकल्पों की मदद से टिकाऊ तरलता व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे।
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RBI ने कहा- व्यवस्था में जरूरत से अधिक नकदी उपलब्ध, मौजूद विकल्पों के माध्यम से पूरी करेंगे जरूरतें

नर्इ दिल्ली। नकदी की किल्लत को लेकर गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि व्यवस्था में पर्याप्त मात्रा से अधिक नकदी है। हम बाजार की जरूरतों के हिसाब से आैर अपने पास उपलब्ध विकल्पों की मदद से टिकाऊ तरलता व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। आरबीआर्इ ने कहा कि बीते कुछ दिनों से हम इसको लेकर काफी सक्रिय हैं आैर 19 सितंबर को हमने खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों का लेनदेन (OMO) किया था। इसके साथ ही तरलता समायेजन सुविधा (LAF) के सामान्य प्रावधान के अतिरिक्त रेपो के माध्यम से तरलता के बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

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एसएलआर में जरूरी राहत 01 अक्टूबर से लागू होगा
साथ में आरबीआर्इ ने ये भी कहा कि हम गुरुवार को एक बार फिर खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों (OMO) की खरीद-फरोख्त दोबारा कर सकते हैं ताकि बाजार में पर्याप्त तरलता को सुनिश्चित किया जा सके। रिजर्व बैंक ने अपने बयान में कहा कि 26 सितंबर को रेपो के माध्यम से रिजर्व बैंक ने बैंकों को 1.88 लाख करोड़ रुपए की सुविधा प्रदान की है। इसके फलस्वरूप बाजार में पर्याप्त मात्रा से अधिक तरलता मौजूद है। केंद्रीय बैंक ने घोषण कर दी है कि सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) में जरूरी राहत को 1 अक्टूबर से लागू कर दिया जाएगा। इससे सभी बैंकों की तरलता की क्षमता में मदद मिलेगी।

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वित्तीय बाजार में तरलत को लेकर सामने आर्इं थी चिंताएं
आरबीअार्इ ने कहा कि हम व्यवस्था में टिकाऊ तरलता की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं। हम विभिन्न विकल्पों के माध्यम से इसे सुनिश्चित करेंगे जो कि बाजार के हालातों आैर तरलता का लगतार आकलन करने पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि IL&FS समूह की वित्तीय चूक के बाद तरलत की संकट संबंधी चिंताएं सामने आर्इं थी। जो कि आगे जाकर गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में भी देखने को मिला। परिणामस्वरूप वित्तीय बाजार में तरलता को लेकर चिंता आैर अधिक बढ़ गर्इ थी।