भारत में सोने की मांग घटी, यह साल पिछले 25 साल में सबसे खराब

  • 1995 के बाद गोल्ड की डिमांड में देखने को मिली है सबसे ज्यादा गिरावट
  • ग्लोबल डिमांड में भी गिरावट, पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी कम रही

By: Saurabh Sharma

Updated: 30 Oct 2020, 02:32 PM IST

नई दिल्ली। World Gold Council Report की मानें तो भारत के लिए डिमांड के लिहाज से यह 25 साल का सबसे खराब साल साबित हो सकता है। रिपोर्ट की मानें तो 1995 के बाद से कैलेंडर वर्ष 2020 भारत में सोने की मांग ( Gold Demand in India ) के लिए सबसे खराब वर्ष साबित हो सकता है। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस वर्ष सोने की मांग 252 टन है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 496 टन थी। भले ही अक्टूबर-दिसंबर 2019 194 टन की मांग को भी इसमें जोडऋ दिया जाए तो भी सीवाई 20 की कुल मांग सीवाई 19 कुल मांग 696 टन की तुलना में कम ही होगी।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल इंंडिया के पीआर मैनेजिंग डायरेक्टर सोमासुंदरम के अनुसार सीवाई 19 सोने की मांग के लिए एक एनीमिक वर्ष था। उन्होंने कहा कि अगली तिमाही पर कई तरह की घटनाएं हुई हैं। अर्थव्यवस्था खुल रही है और हमें नहीं पता है कि नौकरी के नुकसान और वेतन में कटौती के साथ शादी के मौसम की पृष्ठभूमि में मांग क्या आकार लेगी। हालांकि, अगर कुछ कीमतें 50,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होती हैं तो सोने के कुछ खरीदार देखे जा सकते हैं।

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ओर से जारी किए आंकड़े
- कैलेंडर वर्ष 1995 भारत में सालाना सोने की 462 टन की सबसे खराब मांग थी।

- 1996 में 511 टन, 2002 में 547 टन और 2009 में 642 टन के साथ इसमें सुधार देखने को मिला।

- वैश्विक स्तर पर सोने की 2,972.1 टन सालाना मांग 2019 में इसी अवधि से 10 फीसदी कम है।

- कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही में 892.3 टन है, जोकि 19 फीसदी कम है।

- कोरोना वायरस की वजह से 2009 की तीसरी तिमाही के बाद गोल्ड डिमांड के सबसे कम आंकड़े देखने को मिले हैं।

- भारत में कैलेंडर वर्ष 20 की तीसरी तिमाही में सोने की मांग 86.6 टन देखने को मिली तो 2019 की समान अविध के मुकाबले 30 फीसदी कम 123.9 टन थी।

- समीक्षाधीन अवधि के दौरान गोल्ड डिमांड वैल्यू 39,510 करोड़ रुपए देखी जो बीते साल की समान अवधि में 41,300 करोड़ रुपए देखने को मिली।

- ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ज्वेलरी की मांग कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही में 29 फीसदी घटकर 333 टन रह गई है।

- अगर भारत की बात करें तो इसी अवधि में 48 फीसदी की गिरावट के साथ 52.8 टन देखने को मिली है।

- ईयर टू डेट ज्वेलरी की मांग सिर्फ 904 टन की है, जो डब्ल्यूजीसी के डाटा सीरीज़ में सबसे कम मार्जिन है। यह 2009 की समान अवधि की तुलना में 30 फीसदी कम है।

- डब्ल्यूजी के अनुसार जनवरी से अंत तक सितंबर के बीच अमरीकी डॉलर में सोने की कीमतों में 25 फीसदी की छलांग लगी।

- भारत में सोने की कीमत 50,000 रुपए प्रति दस ग्राम को पार कर गया जो कि एक मील का पत्थर भी है।

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