
अग्निवीर आर्मी प्रतीकात्मक तस्वीर (फ्रीपिक)
Agniveer Army: केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय को उनके लिए रोजगार खोजने, शिक्षा प्राप्त करने और कौशल विकास में मदद की जिम्मेदारी दी है। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार इसके लिए भारत सरकार (कार्य आंवटन) नियम, 1961 में संशोधन किया गया है। इसके तहत गृह मंत्रालय के अधीन राज्य में कार्य करने वाले विभागों को भी इसमें जोड़ा गया है।
केंद्र सरकार की ओर से 2022 में इस योजना के शुरू किए जाने के बाद हर साल लगभग 46,000 युवाओं को सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती किया गया है। वे चार साल तक सेवा करते हैं, जिसके बाद केवल 25% को ही रखा जाता है। अन्य को नागरिक जीवन में लौटना पड़ता है। पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान 10 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। वहीं कई मंत्रालयों ने प्रशिक्षण, भर्ती अभियान या कौशल विकास कार्यक्रम की पेशकश की है, लेकिन इन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़ने के लिए कोई भी विभाग जिम्मेदार नहीं है। इस बदलाव से राज्य विभाग अब राज्य सरकारों, निजी कंपनियों और अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूर्व अग्निवीरों को अकेले न छोड़ा जाए।
गृह मंत्रालय के अलावा कई अन्य केंद्र सरकार के विभाग भी पूर्व अग्निवीरों को भर्ती करने की योजना बना रहे हैं। इससे इन जवानों को देश की सेवा के बाद एक अच्छा करियर विकल्प मिल सकेगा।
मोदी सरकार ने जून 2022 में भारतीय सेना में सैन्य भर्ती के लिए एक योजना लाई थी। इसके अंतर्गत युवाओं को 4 सालों के लिए अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर रखा जाता है। इस वर्ष 2025 को इस योजना का लागू हुए 3 साल हो गए। ऐसे में केंद्र सरकार अग्निवीरों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटी हुई है।
Updated on:
18 Jun 2025 10:27 am
Published on:
18 Jun 2025 10:27 am
