6 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bihar के 3 वैज्ञानिकों ने विज्ञान जगत में मचाई धूम, विश्व के शीर्ष 2% साइंटिस्ट में हुए शामिल

Bihar : Central University Of South Bihar (CUSB) के प्रो. सुब्रत कुमार भट्टामिसरा, डीन, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज, प्रो. विवेक दवे, विभागाध्यक्ष फार्मेसी विभाग और डॉ. अरुण कुमार, सहायक प्रोफेसर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए और...

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anurag Animesh

Sep 27, 2024

Bihar : बिहार को प्रतिभाओं का केंद्र कहा जाता है। विज्ञान, प्रशासन, गणित, राजनीति हर क्षेत्र में बिहार ने अपना लोहा मनवाया है। एक बार फिर से विज्ञान के क्षेत्र में बिहार को गौरवांवित करने वाली खबर आई है। दरअसल, दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय हेल्थ साइंस के अंतर्गत आने वाली फार्मेसी विभाग के तीन प्राध्यापकों ने विश्व स्तर पर महाविद्यालय और बिहार सहित देश का मान बढ़ाया है। इस यूनिवर्सिटी के तीन वैज्ञानिकों ने 2024 में दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि से सम्पूर्ण बिहार और देश गौरवांवित महसूस कर रहा है।

यह खबर भी पढ़ें :- RUHS : राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में हजार से ज्यादा मेडिकल ऑफिसर की होगी बहाली, जानें सभी जरुरी जानकारी

Bihar : फार्मेसी के क्षेत्र में कर रहें काम


Central University Of South Bihar (CUSB) के प्रो. सुब्रत कुमार भट्टामिसरा, डीन, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज, प्रो. विवेक दवे, विभागाध्यक्ष फार्मेसी विभाग और डॉ. अरुण कुमार, सहायक प्रोफेसर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए और एल्सेवियर द्वारा जारी सूची में अपनी जगह बनाई है। इन तीनों प्राध्यापकों को ‘फार्मेसी और फार्माकोलॉजी’ के उपक्षेत्र में उनके अति महत्वपूर्ण योगदान के लिए लिस्ट में जगह दी गयी है। इस लिस्ट में 22 वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों के शोधकर्ता शामिल हैं।

यह खबर भी पढ़ें :- GATE Registration 2025 : आवेदन करने की अंतिम तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

Bihar : अलग-लग क्षेत्र में कर रहे रिसर्च


मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारी के मुताबिक प्रो. सुब्रत कुमार भट्टामिसरा मधुमेह, मोटापा और मस्तिष्क विकारों आदि के उपचार के लिए प्राकृतिक उत्पादों के औषधीय अनुसंधान का काम कर रहे हैं। साथ ही डॉ. अरुण कुमार का शोध मुख्य रूप से बायोमैटिरियल्स फॉर टिश्यू इंजीनियरिंग और सॉफ्ट टिश्यू इंजीनियरिंग पर केंद्रित हैं।
वहीं प्रो. विवेक दवे Nano Technology और Drug Delivery पर काम कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी की इस उपलब्धि से कुलपति समेत सारे शिक्षक और प्रोफेसर उत्साहित हैं।

यह खबर भी पढ़ें :- ‘सपनों की उड़ान’ Career Tips : 12 वीं के बाद इस कोर्स को करने से बन जाएंगे फैशन एक्सपर्ट, लाखों में होगी कमाई