
GSHSEB
गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक बोर्ड (GSHSEB) ने हाल ही में घोषणा की कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तर्ज पर परीक्षा करवाएगा। बोर्ड परीक्षा का नया स्वरूप मार्च 2020 से लागू होगा। यही नहीं, गुजरात बोर्ड नौवीं और 11वीं (विज्ञान) की परीक्षा में भी बदलाव करेगा। बोर्ड ने परीक्षा के नए प्रारूप की घोषणा मंगलवार को की।
परीक्षा प्रारूप में किए गए बदलाव के अनुसार, महज 20 प्रतिशत महत्व ही दिया जाएगा आंतरिक अंकों, जबकि 80 अंक अंतिम परीक्षा के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं, 50अंक के ओएमआर सेक्शन, जो परीक्षा उत्तीर्ण करने में सहायक होता था, को घटा कर 16 अंक का कर दिया गया है। शेष 64 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों को कवर करेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार, गुजरात बोर्ड ने कहा है कि 12वीं (विज्ञान) की परीक्षा में भी बदलाव किए गए हैं। अब यह परीक्षा सीबीएसइ बोर्ड की तर्ज पर करवाई जाएगी।
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GSHSEB के अध्यक्ष ए जे शाह ने कहा कि बोर्ड ने 11 महीनों के मंथन के बाद परीक्षा नया स्वरूप अपनाने का फैसला किया है। शाह ने कहा कि हमने विशेषज्ञों, अभिभावकों, केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपलों और अन्य लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद ही नई परीक्षा नीति अपनाने का फैसला किया है।
वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूदासमा ने बताया कि नई परीक्षा प्रणाली बच्चों को NEET और JEE की तैयारी में मदद करेगी। राज्य सरकार पहले ही गुजरात बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर चुकी है। नई परीक्षा प्रणाली राज्य बोर्ड के बच्चों को सीबीएसइ स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के बराबर ले आएगी।
Published on:
25 Jul 2018 04:56 pm
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