
Passport Seva Kendra: पासपोर्ट बनाने के शुल्क में होगी बढ़ोत्तरी (Photo Source - AI)
Indian Passport Ranking 2026: भारतीय पासपोर्ट ने इस साल वैश्विक रैंकिंग में एक लंबी छलांग लगाई है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट अब पिछले साल की 85वीं रैंक से सुधरकर 80वें स्थान पर पहुंच गया है। इस सुधार के साथ ही अब भारतीय नागरिक दुनिया के 55 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा (Visa-free) या वीजा-ऑन-अराइवल के सफर कर सकेंगे। रिपोर्ट में एशियाई देशों का दबदबा बरकरार है।
2026 की रैंकिंग में एक बार फिर एशियाई देशों ने बादशाहत कायम की है। इस लिस्ट में सिंगापुर पहले पायदान पर है, जिसके नागरिक दुनिया के 192 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। दूसरे नंबर पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिनके पासपोर्ट धारकों को 188 देशों में बिना वीजा के एंट्री की अनुमति है। वहीं, तीसरे नंबर पर यूरोपीय देशों का समूह है, जिसमें डेनमार्क, स्पेन, स्वीडन, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और लक्जमबर्ग शामिल हैं, जिनके नागरिकों को 186 देशों में बिना वीजा जाने की आजादी मिलती है।
दुनिया भर के पासपोर्ट की ताकत को मापने के लिए हेनले पासपोर्ट इंडेक्स को सबसे प्रामाणिक माना जाता है। इसे हेनले एंड पार्टनर्स नाम की संस्था जारी करती है। यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशेष और ऑफिशियल डेटा पर आधारित होती है। कोई पासपोर्ट कितना शक्तिशाली है, यह इस बात से तय होता है कि उस देश का नागरिक दुनिया के कितने देशों में बिना वीजा (Visa-free) प्रवेश कर सकता है। जिस देश के नागरिकों को सबसे ज्यादा देशों में फ्री एंट्री मिलती है, उसका पासपोर्ट उतना ही मजबूत माना जाता है।
Updated on:
15 Jan 2026 01:20 pm
Published on:
15 Jan 2026 01:20 pm
