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Jobs In India: बढ़ रही है भारत में जॉब्स की समस्या, सिर्फ 42.6 प्रतिशत ग्रेजुएट ही नौकरी के योग्य हैं 

Jobs In India: भारत में नौकरी की समस्या बढ़ती जा रही है। पढ़े-लिखे युवकों को कौशल की कमी के कारण काम नहीं मिल पा रहा है। ऐसा एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है।

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Jobs In India

Jobs In India: भारत में नौकरी की समस्या बढ़ती जा रही है। पढ़े-लिखे युवकों को कौशल की कमी के कारण काम नहीं मिल पा रहा है। विश्वविद्यालय की डिग्री और कौशल के बीच का गैप लगातार बढ़ रहा है। उद्योग तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। इसके कारण नए स्नातकों को नौकरी के साथ तालमेल बैठाने में दिक्कत हो रही है। कंपनियां अब ऐसे स्नातकों की तलाश कर रही हैं जो नए युग के अनुकूल खुद को तेजी से ढाल सकें।

मात्र 42.6 प्रतिशत युवा ही नौकरी के योग्य हैं

मर्सर-मेटल की एक नई रिपोर्ट, इंडियाज ग्रेजुएट स्किल इंडेक्स 2025 से पता चलता है कि केवल 42.6 प्रतिशत भारतीय स्नातक ही रोजगार के योग्य हैं यानी 57.4 फीसदी को काम नहीं मिल पाया। यह आंकड़ा 2024 का है। एक साल में स्थिति और बिगड़ी है क्योंकि 2023 में 44.3 फीसदी स्नातकों को रोजगार के योग्य माना गया था। हालांकि संतोषजनक यह है कि इस मामले में जेंडर गैप (पुरुष 43.4 और महिला 41.7 फीसदी) ज्यादा नहीं हैं। रिपोर्ट में पाया गया कि युवाओं को समक्ष सबसे बड़ी चुनौती नियोक्ताओं की जरूरत और स्नातकों के पास मौजूद कौशल के बीच बढ़ता अंतर है।

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AI, डेटा साइंस और सॉफ्ट स्किल की बढ़ रही मांग

जॉब मार्केट में AI और डेटा साइंस की ज्यादा मांग है। इसके बाद गैर-तकनीकी कौशल यानी सॉफ्ट स्किल का नंबर आता है, जहां कम्युनिकेशन (55.1 फीसदी), क्रिटिकल थिंकिंग (54.6 फीसदी) और लीडरशिप (54.2 फीसदी) जैसी प्रमुख योग्यताएं अब कार्यस्थल पर सफलता के लिए जरूरी हैं। क्रिएटिविटी की मांग ज्यादा नहीं है। इस क्षेत्र में रोजगार की योग्यता का स्कोर 44.3 फीसदी ही है। रचनात्मक प्रतिभाओं को नौकरी में ज्यादा दिक्कत हो रही है।

टियर-1 कॉलेज आगे हैं, लेकिन…

- रिपोर्ट में कहा गया कि प्रथम श्रेणी के कॉलेजों से स्नातक करने वालों की रोजगार संभावना सबसे अधिक 48.4 प्रतिशत है। इसके बाद दूसरे स्थान पर टियर-2 (46.1 प्रतिशत) और तीसरे स्थान पर टियर-3 (43.4 प्रतिशत) के संस्थान हैं।

दिल्ली-हिमाचल-पंजाब आगे

- राज्यों में, दिल्ली (53.4 प्रतिशत), हिमाचल प्रदेश (51.1 प्रतिशत) और पंजाब (51.1 प्रतिशत) सबसे अधिक रोजगार योग्य स्नातक पैदा करते हैं। उत्तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और तेलंगाना भी टॉप-10 में हैं।

AI और डेटा साइंस में नौकरी बढ़ी

- रिपोर्ट में बताया गया कि 46 प्रतिशत भारतीय स्नातक अब एआइ और एमएल भूमिकाओं में रोजगार योग्य हैं, जो 2023 की तुलना में बेहतर है। एआइ, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कौशल की मांग बढ़ रही है। इन भूमिकाओं में लैंगिक समानता देखी गई है।

मस्क की टेस्ला ने भारत शुरू की हायरिंग

इस बीच, अमरीका के चर्चित उद्योगपति एलन मस्क की टेस्ला इंक भारत में नौकरियों के लिए विज्ञापन निकाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीकी यात्रा के दौरान मस्क ने उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद से ही टेस्ला कार के भारतीय बाजार में प्रवेश करने की अटकलें लगाई जाने लगी है। टेस्ला के विज्ञापन ने इन अटकलों को आगे बढ़ा दिया है।

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विज्ञापन के अनुसार, टेस्ला को 13 पदों के लिए उम्मीदवारों की तलाश है। इसे सेवा तकनीशियन और सलाहकार सहित कम से कम पांच पद मुंबई और दिल्ली में चाहिए। टेस्ला और भारत सरकार के बीच कई वर्षों से बातचीत होती रही है, लेकिन कार निर्माता ने उच्च आयात शुल्क की चिंताओं के कारण दक्षिण एशियाई देश से दूरी बनाए रखी थी। भारत ने अब 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली हाई एंड कारों पर मूल सीमा शुल्क को 110 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी कर दिया है।