
कांग्रेस की जारी 144 उम्मीदवारों की सूची में कमलनाथ भारी रहे। इनके समर्थक सर्वाधिक हैं। दूसरे नम्बर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव के समर्थकों कम ही हैं। उम्मीदवारों पर मंथन और स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दौरान इस पर एक राय रही कि सर्वे को ही प्राथमिकता दी जाए। हुआ भी ऐसा ही। 1-1 सीट पर कई तरह से सर्वे कराए। इसमें मौजूदा विधायकों के परफॉरमेंस प्रमुख रहा। लेकिन सर्वे पर एआइसीसी का सर्वे भारी रहा।
इन प्रत्याशियों के नाम पर न सिर्फ सर्वे की मोहर है बल्कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेताओं की आम राय भी शामिल है। सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस पूरी रणनीति के काम कर रही है। इसमें उम्मीदवारों का चयन अहम कड़ी है। उम्मीदवारों के चयन के पहले पार्टी ने जिला प्रभारियों से ग्राउंड रिपोर्ट बुलाई। इसमें वे नाम भी मांगे गए जो इस चुनाव में जीत सकते हैं। प्रभारियों ने स्क्रीनिंग कमेटी को पैनल सौंपी। वन-टू-वन चर्चा भी हुई। यह भी जानने का प्रयास किया गया कि ये जिताउ कैसे हैं।
नेताओं की नहीं चली
टिकट तय करने में नेताओं की सिफारिश नहीं चली। हालांकि दिग्गज नेताओं ने कई दावेदारों का समर्थन किया। सूची भी सौंपी लेकिन केन्द्रीय चुनाव समिति ने सिर्फ उन्हीं हो हरीझंडी दी जो वास्तव में जिताउ रहे। भाजपा की रणनीति देखते हुए कांग्रेस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है, इसलिए सिफारिश करने वाले नेताओं से कह दिया गया कि सर्वे में जो जिताउ है, उसे ही टिकट दिया जाएगा।
कांग्रेस ने बनाई बढ़त
उम्मीदवारों की सूची जारी करने में कांग्रेस ने भाजपा के मुुकाबले बढ़त बनाई है। कमलनाथ को सीएम फेस घोषित कर चुकी कांग्रेस ने पहली ही सूची में कमलनाथ का नाम शामिल किया। वहीं अन्य दिग्गज नेताओं के नाम भी इसी पहली सूची में घोषित कर दिए। इनमें नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, तरुण भनोट आदि सभी के नाम शामिल हैं। जबकि भाजपा की दूसरी सूची में दिग्गज नेताओं के नाम रहे। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भाजपा की चौथी सूची में है।
अब 86 नामों पर तेज होगा मंथन
कांग्रेस के 144 उम्मीदवारों की सूची घोषित होने के बाद अब शेष्ज्ञ 86 नामों पर मंथन तेज होगा। सूत्रों का कहना है कि 18 अक्टूबर को केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक है। इस बैठक में इन नामों पर विचार होगा। बैठक में हरीझंडी मिलने के बाद इन नामों की सूची भी जारी कर दी जाएगी।
कांग्रेस की पहली सूची में विरोध के सुर उभरे
कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची आते ही विरोधी सुर भी उठने लगे हैं। प्रदेश की खरगापुर, ग्वालियर, बालाघाट, सागर, छतरपुर, नरियावली, पवई, उज्जैन, धार सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं का विरोध सामने आया है। खरगापुर सीट से दावेदारी कर रहे कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव को टिकट नहीं मिलने से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। खरगापुर विधानसभा पलेरा ब्लॉक से पीसीसी डेलीगेट पद भी छोड़ दिया। इसी प्रकार दतिया में भी कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया।
पूर्व विधायक ने थामा बसपा का दामन
नागौद (सतना) से विधायक रहे यादवेन्द्र सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी नहीं कह सकता कि कितनी सीटों पर असर डालूंगा, लेकिन ये तय है कि कमलनाथ को मजा चखाऊंगा। हमें कोई पूछने वाला नहीं है, इतना मद हो गया कमलनाथ को कि 6 घंटे से इंतजार कर रहा हूं। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने कहा था कि आप काम करो। अन्याय हुआ तो कैसे बर्दाश्त करूं। पिछली बार सिर्फ 635 वोट से हारा हूं वो भी नागेंद्र सिंह से। ठाकुर के अलावा कोई जाति नहीं जीती। यादवेंद्र ने विधायक सज्जन सिंह वर्मा को भी गुंडा बताकर कई आरोप लगाए।
इन नेताओं ने भी दिया इस्तीफा
अजय यादव- कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के कुछ ही देर बाद टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव ने बगावत का बिगुल फूंक दिया। अजय यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी पर पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।
केदार कंसाना- कांग्रेस में ग्वालियर ग्रामीण से टिकट की आस लगाए बैठे केदार कंसाना ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। कंसाना ने कहा कि सुबह 7 बजे तक मुझे टिकट का भरोसा दिलाया जाता रहा और ढाई घंटे बाद जब सूची आई तो मेरा नाम नहीं था। टिकट न मिलने की नाराजगी राहुल गांधी, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को बता दी है।
रसाल सिंह:- चार बार विधायक रह चुके भाजपा नेता रसाल सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। वे 16 अक्टूबर को अगला कदम तय करेंगे।
शारदा खटीक- सागर जिले की नरयावली सीट से कांग्रेस के सुरेन्द्र चौधरी को टिकट दिए जाने के बाद यहां भी बगावत शुरु हो गई है। नरयावली से टिकट की मांग कर रही पूर्व जिला पंचायत सदस्य शारदा खटीक ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है।
प्रदीप जायसवाल: बालाघाट वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने भाजपा का दामन थाम लिया। भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई।
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Updated on:
16 Oct 2023 12:12 pm
Published on:
16 Oct 2023 12:09 pm

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