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एक थे सरताज: कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह को हराया, पर सीतासरन से हार गए थे

वर्ष 2018 में दु:खी मन से छोड़ी थी भाजपा, बाद में वापसी की... लेकिन सक्रिय नहीं रहे

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Manish Geete

Oct 13, 2023

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historical election

पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सरताज सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे। सिंह पांच बार सांसद और दो बार विधायक रहे। वे अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार में मंत्री थे। मप्र में भी मंत्री रहे। उन्होंने राजनीति जीवन की शुरुआत इटारसी नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में की थी। लंबे समय से बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। सरताज का प्रदेश की राजनीति में अलग वजूद रहा है। सियासी क्षेत्र में भी साफ बात करने वाले सरताज बाबूजी के नाम से पहचाने जाने वाले सिंह को ईमानदार राजनेताओं में माना जाता रहा है। कई सियासी किस्से मशहूर हैं। पार्थिव देह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को इटारसी के शांतिधाम में किया जाएगा। दोपहर 12 बजे भोपाल से पार्थिव देह उनके द्वारा स्थापित स्कूल एकलव्य लाई जाएगी। इसके बाद गुरुद्वारा भवन से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

इटारसी आकर बस गया परिवार सरताज अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार मंत्री रहे थे। 1998 में लोकसभा चुनाव में अर्जुन सिंह को हराया था। सरताज का परिवार भारत-पाकिस्तान के विभाजन के बाद इटारसी आकर बस गया था। पहली बार 1971 में सिंह नगर पालिका के अध्यक्ष बने। वे 5 बार सांसद और दो बार विधायक रहे हैं। 1989 से 1996 की अवधि में नर्मदापुरम संसदीय सीट से लगातार तीन बार रामेश्वर नीखरा को हराया। 1998 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन सिंह को हराया। 2004 में भी वे जीते।

जब खुद को बताया ठेकेदार

1. वन मंत्री रहते कभी भी तबादलों को लेकर कोई आक्षेप नहीं लगा। तब तबादले बेहद पारदर्शी तरीके से होते थे।
2. जब वे पीडब्ल्यूडी मंत्री बने तो अपने निवास पर ही सड़क गुणवत्ता जांचने की लैब बनवा ली।
3.सरताज सरल और सहज व्यक्तित्व वाले थे। सांसद रहते हुए एक बार होशंगाबाद डीएफओ से मिलने पहुंचे। उन्होंने खुद को ठेकेदार बताकर ट्रांजिट पास मांगा। डीएफओ ने नियमानुसार पास देने का कह दिया। लौटते समय कहा कि मैं इटारसी में रहता हूं और सांसद हूं।

टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ी, फिर हारे

सरताज ने 2018 के चुनाव में टिकट न मिलने पर भाजपा छोड़ दी थी। वे कांग्रेस से चुनाव लड़े, लेकिन पूर्व विस अध्यक्ष सीतासरन शर्मा से हार गए। कुछ समय बाद वापस भाजपा में आ गए, लेकिन सक्रिय नहीं रहे। फिर उन्हें बीमारी ने घेर लिया। सरताज ने जब भाजपा छोड़ी थी तो समर्थकों को बुलाकर भावुक मन से ऐलान किया था।

दिलों पर राज करते थे: शिवराज

सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सरताज के निधन पर शोक व्यक्त किया। शिवराज ने कहा कि मैं पहली बार अगर कोई चुनाव प्रचार करने भोपाल के बाहर गया तो वह इटारसी के नगर पालिका चुनाव में गया था। जिसमें सरताज हमारे नेता थे। वे जनता के दिलों पर वो राज करते थे।

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