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दूसरे चरण की 10 हॉट सीटों पर रोचक है मुकाबला, पहली बार जेल से चुनाव लड़ रहे आजम खान के रसूख का इम्तिहान

दूसरे चरण मे नौ जिलों की 55 सीटों पर मुकाबला है। सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, शाहजहांपुर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बरेली और बदायूं में पड़ने वाली इन 55 सीटों पर कुल 586 प्रत्याशी मैदान में हैं। दूसरे चरण में 10 हॉट सीटें काफी महत्वपूर्ण हैं। इनमें कई ऐसी सीटें हैं जहां लड़ाई चुनावी हार जीत से ज्यादा की है।

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Uttar Pradesh Assembly Election 2022 Ten Hot Seats of Second Phase

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 Ten Hot Seats of Second Phase

उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण के चुनाव का आगाज हो चुका है। मतदान प्रक्रिया सोमवार सुबह सात बजे से शुरू हो गई है, जो कि शाम छह बजे तक जारी रहेगी। दूसरे चरण मे नौ जिलों की 55 सीटों पर मुकाबला है। सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, शाहजहांपुर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बरेली और बदायूं में पड़ने वाली इन 55 सीटों पर कुल 586 प्रत्याशी मैदान में हैं। दूसरे चरण में 10 हॉट सीटें काफी महत्वपूर्ण हैं। इनमें कई ऐसी सीटें हैं जहां लड़ाई चुनावी हार जीत से ज्यादा की है। इसमें सबसे चर्चित नाम रामपुर से सपा नेता आजम खान का है। भाजपा ने उन्हें हराने के लिए आकाश सक्सेना को टिकट दिया है। इसके अलावा भी कई ऐसे चेहरे हैं जिनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। आइये डालते दूसरे चरण की 10 हॉट सीटों पर एक नजर...

1- रामपुर

दो साल से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान इस बार भी रामपुर से चुनाव मैदान में हैं। आजम खान के खिलाफ भाजपा ने आकाश सक्सेना, कांग्रेस ने काजिम अली और बसपा ने सदाकत हुसैन को उतारा है। बता दें कि रामपुर सीट 80 के दशक से ही आजम और उनके परिवार के पास रही है। आजम खान नौ बार इस सीट से जीतकर विधानसभा पहुंच चुके हैं।

2- स्वार

रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से आजम खान के बेटे अब्दुल्ला खान सपा के टिकट पर मैदान में हैं। अब्दुल्ला भी पिता के साथ दो साल से जेल में बंद थे। कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने उन्हें जमानत दी है। अब्दुल्ला का मुकाबला भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) गठबंधन प्रत्याशी हैदर अली खान से है। इसके साथ ही बसपा के शंकर लाल सैनी और कांग्रेस के राम रक्षपाल सिंह भी इस सीट से चुनावी मैदान में हैं। हैदर के पिता कासिम अली पांच बार विधायक रह चुके हैं। कासिम अली और आजम खान के परिवार में प्रतिद्धदिता है। 2017 में इस सीट पर अब्दुल्ला खान जीते थे। लेकिन बाद में गलत उम्र बताने के मामले में उनकी विधायकी रद्द हो गई थी। तब से यह सीट खाली है।

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3- आंवला

बरेली की आंवला विधानसभा सीट से भाजपा से मौजूदा विधायक धर्मपाल सिंह मैदान में हैं। वहीं, सपा से आरके शर्मा उनके मुकाबले खड़े हैं। आरके शर्मा ने बीजेपी के टिकट पर पिछला चुनाव बिल्सी से जीता था। लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा देते हुए सपा को ज्वाइन कर लिया। धर्मपाल सिंह चार बार तो शर्मा दो बार विधायक रह चुके हैं। बसपा ने यहां से लक्ष्मण प्रसाद और कांग्रेस ने ओमवीर यादव को टिकट दिया है। बरेली के ही कैंट विधानसभा सीट से सुप्रिया एरेन भी सपा के टिकट पर मैदान में हैं। सुप्रिया बरेली की पूर्व मेयर रह चुकी हैं और उनके पति कांग्रेस के पूर्व सांसद रह चुके हैं।

4- चंदौसी

संभल के चंदौसी सीट से भाजपा ने योगी सरकार मे माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी को टिकट दिया है। पिछली बार भी गुलाबो देवी ने यहां से जीत हासिल की थी। उनके खिलाफ सपा ने विमलेश कुमारी को टिकट दिया है। वहीं, बसपा ने रणविजय सिंह को टिकट दिया है। कांग्रेस की तरफ से मिथिलेश कुमारी को टिकट मिला है। 2017 के चुनाव में गुलाब देवी ने 40 हजार से अधिक मार्जिन से जीत दर्ज की थी।

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5- बिलासपुर

रामपुर के बिलासपुर सीट से मौजूदा विधायक और योगी सरकार में जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख चुनावी मैदान में हैं। बलदेव के खिलाफ सपा ने अमरजीत सिंह, बसपा ने राम अवतार कश्यप और कांग्रेस ने संजय कपूर को टिकट दिया है। इस सीट पर 2017 में बलदेव सिंह औलाख ने कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर को हराकर जीत दर्ज की थी। इस सीट पर पंजाब वोट बैंक भी अच्छा है। बलदेव सिंह ने कांग्रेस के सिटिंग विधायक संजय कपूर को यहां 39,344 वोटों से हराया था।

6- कुंदरकी

मुरादाबाद की कुंदरकी सीट भी इस बार चर्चा में है। यहां से भाजपा के कमल प्रजापति और कांग्रेस के दरकशा बेगम मैदान में हैं। वहीं, सपा के सांसद सफीकुर्रहमान बर्क के पोते जियाउर्रहमान को भी टिकट मिला है। इस सीट से अब तक सपा के विधायक रहे हाजी रिजवान टिकट कटने के बाद बसपा में शामिल हो गए। अब बसपा ने उन्हें यहां से उम्मीदवार बनाया है।

8- तिलहर

शाहजहांपुर की तिलहर सीट पर सपा ने भाजपा के बागी विधायक रोशन लाल वर्मा पर भरोसा जताया है। वहीं, भाजपा ने यहां से सलोना कुशवाहा और बसपा ने नवाब फैजान अली खान को मौका दिया है। कांग्रेस ने रजनीश गुप्ता को टिकट दिया है।

9- अमरोहा

अमरोहा सीट से मुकाबला तीन मुसलमान और एक हिंदू के बीच है। इस सीट से सपा सरकार में मंत्री रहे महबूब अली एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। महबूब अली के खिलाफ भाजपा के राम सिंह, कांग्रेस के सलीम खान और बसपा के मोहम्मद नवैद अयाज मैदान में हैं। इस सीट से 2017 में महबूब अली ने चुनाव जीता था।

10- नकुड़

सहारनपुर सीट की नकुड़ विधानसभा सीट भी हाईप्रोफाइल है। यहां से भाजपा के बागी मंत्री धर्म सिंह सैनी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। धर्म सिंह सैनी 2017 में बीजेपी से विधायक बने थे। अब तक वह चार बार विधायक रह चुके हैं। सैनी के खिलाफ भाजपा ने मुकेश चौधरी को मैदान में उतारा है। बसपा ने साहिल खान और कांग्रेस ने रणधीर सिंह चौहान को प्रत्याशी उतारा है। 2017 के आकड़ों पर गौर करें तो धर्म सिंह सैनी भाजपा से चुनाव लड़ते हुए 94 हजार 375 वोट हासिल किए थे। उन्होंने कांग्रेस के इमरान मसूद को 4 हजार 27 वोटों से हराया था।