बता दें, 2009 में जब पीयूष मिश्रा को ब्रेन स्ट्रोक हुआ, तब उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगी। ये घटना उन्हें अपनी लत का सामना करने के लिए मजबूर करने वाली एक बड़ी हकीकत थी। उन्होंने बताया कि वे शराब को पूरी तरह नहीं छोड़ पाये हैं, लेकिन अब पीना नियमित रूप से नहीं करते। उन्होंने आध्यात्मिक साधन अपनाकर अपनी क्रेविंग को काफी हद तक कम किया है। इतना ही नहीं, पीयूष मिश्रा ने ये भी साफ बताया कि शराब कभी पूरी तरह से खत्म नहीं होती और इसे जड़ से मिटाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं अभी भी शराबी हूं, लेकिन अब मैं इसे मैनेज कर सकता हूं, जो मेरी जिंदगी की एक सच्चाई है।"