
फारुख शेख के पिता मुस्तफा शेख मुंबई के एक मशहूर वकील थे। फारुख ने अपनी पढ़ाई मुंबई के सेंट मैरी स्कूल में की है। फारुख शेख पढाई में भी अच्छे थे। लेकिन पढ़ाई के साथ ही साथ वह तमाम नाटकों और खेलकूद की गतिविधियों में भी हिस्सा लेते थे। फारुख स्कूली दिनों से न केवल क्रिकेट के दीवाने थे बल्कि अच्छे क्रिकेटर भी थे।वह क्रिकेट खेलना भी पंसद करते है।सुनील गावस्कर फारुख के अच्छे दोस्तों में से एक थे।फारुख शेख एक अच्छे इंसान थे।
फारुख के जीवन पर उनके पिता का गहरा प्रभाव था और यही कारण था कि उन्होंने वकालत की पढ़ाई की।वकालत करने के बाद उन्होने कलाकारी में अपने नसीब को अजमाया। कॉलेज के दिनों से ही फारुख शेख थिएटर से जुड़ गए थे। उन्हें 1973 में रिलीज हुई फिल्म ‘गर्म हवा’ में ब्रेक मिला। फारुख ने इसमें एक जवान छात्र का किरदार निभाया है।इस फिल्म के लिए फारुख शेख को 750 रुपये मिले।उस समय में 750 रुपये काफी ज्यादा हुआ करता था। हिंदी सिनेमा को बेहतरीन फिल्में देने के बाद फारुख ने 15 साल तक फिल्मों से दूरी बनाए रखी। जब वह फिर से वापस आए तो उन्होंने वर्ष 2009 में आई फिल्म 'लाहौर' में अभिनय करके राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अपने नाम किया।फारुख ने कई शानदार फिल्म की है। जो लोग आज भी देखना पंसद करते है।
Updated on:
28 Dec 2021, 11:34 AM IST
Published on:
28 Dec 2021, 11:33 AM IST
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