
Karishma Kapoor Emotional On Babita Kapoor (सोर्स- एक्स)
Karishma Kapoor Emotional On Babita Kapoor: बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि सफलता की असली नींव परिवार और खासतौर पर मां के संस्कारों से ही तैयार होती है। हाल ही में लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के मंच पर पहुंचीं करिश्मा ने अपनी मां बबीता को लेकर दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं। उन्होंने खुले दिल से स्वीकार किया कि उनके जीवन की हर उपलब्धि के पीछे उनकी मां का अटूट समर्थन और विश्वास सबसे बड़ा कारण रहा है।
करिश्मा कपूर ने बताया कि उनके करियर की शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन हर चुनौतीपूर्ण समय में उनकी मां बबीता उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग जरूर मिला, मगर मां का भरोसा और हौसला उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा साबित हुआ। करिश्मा ने मंच पर यह भी कहा कि एक आदर्श मां वही होती है जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों का आत्मविश्वास बनाए रखे।
शो के दौरान करिश्मा काफी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी मां की पूजा करती हूं। एक मां ऐसी ही होनी चाहिए, मां तो मां ही होती है। बेशक, मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया लेकिन मां का जो आत्मविश्वास था और जो संस्कार उन्होंने मुझे सिखाए, वे सबसे ज्यादा जरूरी हैं। मुझे लगता है कि इसलिए मैं आज जो कुछ भी हूं और जो कुछ भी थी, उसका सारा श्रेय मैं अपनी मां को ही दूंगी।'
उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि मां-बेटी का रिश्ता केवल पारिवारिक नहीं बल्कि गहरी भावनात्मक साझेदारी का उदाहरण भी है। दर्शकों के सामने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए करिश्मा कुछ पल के लिए भावुक भी हो गईं।
करिश्मा ने इस दौरान अपनी मां के फिल्मी करियर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बबीता ने भले ही कम समय तक फिल्मों में काम किया, लेकिन उस दौरान उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा की और अपनी अलग पहचान बनाई। उनका मानना है कि उनकी मां का आत्मविश्वास और मेहनत आज भी प्रेरणा देने वाली है।
करिश्मा ने यह भी बताया कि बबीता का फिल्मी सफर छोटा जरूर रहा, लेकिन प्रभावशाली रहा। उन्होंने अपने अभिनय से उस दौर के दर्शकों के बीच खास जगह बनाई और कई सफल फिल्मों का हिस्सा बनीं।
कपूर परिवार की परंपराओं का सम्मान करते हुए बबीता ने एक समय बाद फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। करिश्मा के अनुसार यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन परिवार को प्राथमिकता देना उनकी मां के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत रही है। यही त्याग और समर्पण उन्हें एक मजबूत मां के रूप में अलग पहचान दिलाता है।
करिश्मा कपूर ने मंच पर यह भी कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, उसमें उनकी मां के संस्कार, अनुशासन और विश्वास का सबसे बड़ा योगदान है। उनकी बातों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि सफलता की असली कहानी अक्सर परिवार के त्याग और समर्थन से ही लिखी जाती है।
Published on:
03 Apr 2026 01:02 pm
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