
फिल्म- 'धुरंधर 2' (फोटो सोर्स: X)
Hamza Was Real Indian Spy: रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' (धुरंधर 2) ने अपने पहले ही वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन किया है और केवल 4 दिन में ही इस फिल्म ने 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर साबित कर दिया है कि ये एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनने को तैयार है। इसमें सबसे मजेदार बात ये है कि इस दौरान फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों के पूरे लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ दिया है।
कहानी में Uzair Baloch और उसके गैंग का जिक्र इसे और भी ज्यादा रहस्यमयी और दिलचस्प बना देता है। इसी वजह से लोग ये जानने के लिए उत्सुक हैं कि फिल्म में दिखाई गई घटनाएं कितनी हकीकत पर आधारित हैं। क्या सच में कोई भारतीय एजेंट पाकिस्तान के ल्यारी गैंग में घुसकर ऑपरेशन चला चुका है, या ये सिर्फ फिल्मी कल्पना है? तो आइए जानते हैं इस कहानी के पीछे की सच्चाई…
HT को दिए एक पॉडकास्ट में इस मुद्दे पर मजेदार बात कही और उनके मुताबिक फिल्म का 'हमजा' कोई एक असली व्यक्ति नहीं, बल्कि कई गुप्त एजेंट्स और मिशनों का मिश्रण लगता है। साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि भारत के कई जासूस पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में गुप्त ऑपरेशन करते रहे हैं। ऐसे में 'हमजा' का किरदार पूरी तरह काल्पनिक नहीं, बल्कि हकीकत के कई टुकड़ों से बना हुआ है।
इसमें एक भारतीय जासूस का भी जिक्र किया, जिसकी कहानी काफी हद तक फिल्म जैसी लगती है, जिसमें बताया जाता है कि वो महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला था और पहले भारतीय नौसेना में कार्यरत था। बता दें, साल 2001 में उसने नौकरी छोड़ दी और देश के लिए कुछ बड़ा करने की ठानी। शुरुआत में उसे भारतीय एजेंसियों से मदद नहीं मिला, लेकिन उसने हार नहीं मानी और बाद में वो ईरान चला गया, जहां उसने शिपिंग का कारोबार शुरू किया। इसी दौरान वो पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उसके गिरोह में घुसने में कामयाब हो गया। हालांकि कहा जाता है कि उसने इस दौरान अहम जानकारियां और हथियारों से जुड़ी सूचनाएं इकट्ठा कीं।
उजैर बलोच का नाम पाकिस्तान की अंडरवर्ल्ड दुनिया में काफी चर्चित रहा है। दिसंबर 2014 में इंटरपोल ने उसे दुबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था और बाद में पाकिस्तान में उस पर हत्या, अपहरण और जासूसी जैसे गंभीर आरोप लगे।अदालत ने उसे 12 साल की सजा सुनाई और वो कराची की केंद्रीय जेल में बंद है।
फिल्म 'धुरंधर 2' जैसी फिल्में असली घटनाओं से प्रेरणा लेकर बनाई जाती हैं, लेकिन उनमें ड्रामा और सिनेमाई मसाला भी भरपूर होता है। यही वजह है कि दर्शकों को जो कहानी पर्दे पर दिखती है, वो पूरी तरह सच नहीं होती लेकिन पूरी तरह झूठ भी नहीं होती।
Updated on:
23 Mar 2026, 1:37 PM IST
Published on:
23 Mar 2026, 1:37 PM IST
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