
ध्रुव राठी ने पीएम मोदी पर बोला हमला (फोटो सोर्स- Twitter/@dhruv_rathee)
Dhruv Rathee On PM Narendra Modi Apology: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान अपशब्द बोलने वाले बच्चों को माफ करने वाले बयान पर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने वीडियो में व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि आखिरकार 75 साल की उम्र में प्रधानमंत्री को ये एहसास हो गया कि गालियां देना गलत होता है।
ध्रुव राठी ने कहा कि हर व्यक्ति अलग-अलग उम्र में परिपक्व होता है। किसी को 30 साल में समझ आती है, किसी को 40 में, लेकिन प्रधानमंत्री को 75 साल की उम्र में यह समझ आई कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब जबकि यह समझ आ चुकी है, तो यह एक सकारात्मक बदलाव माना जाना चाहिए।
इसके बाद ध्रुव राठी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में कई विपक्षी नेताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग मौकों पर नेताओं के लिए विवादित टिप्पणियां की गईं, लेकिन अब प्रधानमंत्री खुद गाली-गलौज के खिलाफ बात कर रहे हैं।
ध्रुव राठी ने आगे कहा कि अगर प्रधानमंत्री वास्तव में मानते हैं कि अपशब्दों का इस्तेमाल गलत है, तो उन्हें यह संदेश अपने समर्थकों और बीजेपी आईटी सेल तक भी पहुंचाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्हें और कई अन्य लोगों को लगातार अभद्र भाषा और गालियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जिन कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को फॉलो करते हैं, उनमें से कुछ पर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल होता है। ध्रुव राठी ने सुझाव दिया कि यदि प्रधानमंत्री अपने संदेश को गंभीरता से लागू करना चाहते हैं, तो ऐसे अकाउंट्स से दूरी बनानी चाहिए।
वीडियो के अंत में ध्रुव राठी ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री ने बच्चों की माफी स्वीकार की है, उसी तरह अब समाज को भी माफी स्वीकार करने की भावना अपनानी चाहिए। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यदि उन्हें भी कभी सोशल मीडिया पर अपशब्द कहे गए हैं, तो वे उन अनुभवों को साझा करें और माफी स्वीकार करने का संदेश दें। उन्होंने लोगों से इस अभियान को एक हैशटैग के साथ आगे बढ़ाने की भी अपील की।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वीडियो संदेश में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि कम उम्र में गलतियां हो जाती हैं और बच्चों को दंडित करने के बजाय सही रास्ता दिखाना ज्यादा जरूरी है। इसी बयान के बाद कुछ छात्रों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी, जिसके बाद इस पूरे मुद्दे पर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई।
Updated on:
01 Aug 2026 05:15 pm
Published on:
01 Aug 2026 05:15 pm
