
UP Board 10th 12th Result 2022 Date and Time : यूपी बोर्ड रिजल्ट को लेकर सीएम योगी के तीखे तेवर।
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाए बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज करना शुरू कर दिए गए हैं। पहला मामला इटावा के बकेवर थाने में बर्खास्त प्राथमिक शिक्षिका प्रेमलता के खिलाफ दर्ज किया गया है। अन्य बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ ही भी बहुत ही जल्द मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कुल नौ बर्खास्त शिक्षक हैं जिनमें से एक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। महेवा विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी उदय सिह राज ने बर्खास्त शिक्षिका प्रेमलता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बर्खास्त शिक्षिका प्रेमलता कंपोजिट उच्चतर प्राथमिक विद्यालय जग मोहनपुर संकुल क्षेत्र अहेरीपुर बकेवर इटावा में तैनात थी। प्रेमलता को आठ अन्य शिक्षकों के साथ पिछले दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उमानाथ सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त कर दिया था। उनके खिलाफ बकेवर पुलिस थाने में धारा 409,420,467, 468 और 471 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कराया गया है। अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी जल्द मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
वेतन की वसूली के आदेश जारी
महेवा के खंड शिक्षा अधिकारी उदय राज ने बकेवर थाने में मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय जगमोहनपुरा में तैनात महिला प्रेमलता ने अपने मूल शैक्षिक प्रपत्रों में हेराफेरी कर फर्जी तरीके से शिक्षा विभाग में नौकरी करना शुरू कर दिया। इसी मामले के सामने आने के बाद धोखा देकर सरकारी धन का उपभोग करने का अभियोग दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर संजय सिंह के सुपुर्द की गई है। पिछले दिनों इटावा मे फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले नौ शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उमानाथ सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त कर दिया था।
अंक पत्रों के सत्यापन के बाद इन शिक्षकों का वेतन पहले ही रोक दिया था। अब वेतन की वसूली के आदेश जारी किए हैं। वर्ष 2016-17 में नियुक्त पाने वाले सभी शिक्षकों के टीईटी समेत अन्य अंकपत्र, प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश शासन दिए थे। जांच के लिए एडीएम और एएसपी की एक समिति बनाई गई थी। जांच में नौ शिक्षकों के टीईटी अंक पत्रों ऑनलाइन रिकार्ड पर नहीं मिले। सत्यापन की रिपोर्ट करीब डेढ़ वर्ष पहले आ गई थी। उसी समय बीएसए ने सभी का वेतन रोक दिया था।
ऑनलाइन सत्यापन में एक भी शिक्षक के टीईटी अंकपत्र नहीं
जांच समिति ने किसी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी से टीईटी प्रमाणपत्र के सत्यापन की सिफारिश की थी। बीएसए ने 5 अगस्त, 2021 खंड शिक्षा अधिकारी भरथना अवनीश कुमार को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज कार्यालय भेजा था।
तीन माह बाद 18 नवंबर, 2021 को पंजीकृत डाक से रिकार्ड बीएसए भेजा गया। इसमें अनुपम यादव, ममता यादव और दीक्षा तिवारी को अनुत्तीर्ण बताया गया। प्रदीप सिह यादव, रवींद्र सिंह, अजय प्रताप सिह, विवेक कुमार, आशुतोष यादव, प्रेमलता को उत्तीर्ण दर्शाया गया। ऑनलाइन सत्यापन में एक भी शिक्षक के टीईटी अंकपत्र नहीं मिला।
15 मार्च, 2022 को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से दोबारा वस्तु स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ताखा उपेंद्र भारती को भेजा गया। सचिव कार्यालय ने रिकार्ड न देकर ऑनलाइन सत्यापन के लिए ही कहा। आठ मई को जिला समिति की बैठक में आनलाइन रिपोर्ट मांगी गई। आठ जून को ऑनलाइन सत्यापन आख्या प्रस्तुत की गई। जिसमें प्रेमलता, अनुपम यादव, ममता, रवींद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, दीक्षा तिवारी, विवेक कुमार, आशुतोष यादव, प्रदीप के टीईटी अंकपत्र आनलाइन नहीं मिले। इसके बाधार पर इन नौ शिक्षकों की सेवा समाप्त का निर्णय लिया गया।
Published on:
22 Jun 2022 01:04 pm
बड़ी खबरें
View Allइटावा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
