
इटावा में 42 डिग्री तापमान, कूलर में मस्ती मार रहे सफारी के शेर
गर्मी से उत्तर प्रदेश मे इटावा सफारी पार्क के वन्य जीवों की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई है। अप्रैल के पहले सप्ताह में 42 डिग्री तापमान पहुंचना सफारी प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। मई, जून मे तापमान में ओर अधिक इजाफा होने का अंदेशा जताया जा रहा है। अगर वाकई मे ऐसा होता है तो वन्य जीवों के लिए मुश्किल होगी। सफारी प्रबंधन मान कर चला रहा है कि अप्रैल में वन्य जीवों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए इंतजाम दिए गए हैं लेकिन अगर यह तापमान 45 डिग्री के उपर जाता है तो फिर वन्य जीवो को उनके बाडे से निकालने पर विचार करना पड़ सकता है। क्योंकि खुले मे गर्मी का एहसास वन्य जीवों अधिक होगा।
सफारी 18 एशियाटिक शेर
इटावा लायन सफारी में फिलहाल 18 एशियाटिक शेर है। जो पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र माना जाता है। इसके अलावा 3 भालू, 11 लेपर्ड, 86 काले हिरण, 50 स्पाटेड डियर, 13 सांभर,तीन तेंदुओं के अलावा एक चीता मौजूद है। 42 डिग्री तापमान को देखते हुए सफारी प्रशासन ने बाड़ों में कूलर लगाने का काम शुरू कर दिया है। कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि खस की लगाई गई पटिटयों पर हर हाल मे पानी डाला जाए ताकि शेरों को गर्मी का एहसास न हो।
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लकड़ी फ्रेम के बड़े कूलर लगाए गए हैं - क्षेत्रीय वन अधिकारी
ब्रीडिंग सेंटर और बाड़ों में घास की दीवार भी लगाई गई है। खुले में विचरण करने वाले जानवरों के लिए भी जगह-जगह पानी के इंतजाम किए हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी विनीत सक्सेना ने बताया कि, एक अप्रैल को तापमान 38 डिग्री था लेकिन 8 अप्रैल को यही तापमान 42 डिग्री तक आ पहुंचा है। इसलिए सफारी मे वन्य जीवों को बचाने के लिए कूलर,खस की पटटी के अलावा घास की दीवारों को बनाया गया है ताकि शेर,तेंदुआ,चीता,हिरन,भालू आदि को गर्मी का न केवल कम एहसास बल्कि हो गर्मी मे बीमार होने से बच सके। सफारी के ब्रीडिंग सेंटर पर शेरों के बाड़े में लकड़ी फ्रेम के बड़े कूलर तो लगाए ही गए हैं। एनिमल हाउस में एसी का भी इंतजाम किया गया है, जिससे कि बाड़ों में तापमान नियंत्रित किया जा सके।
व्यापक इंतजाम - उपनिदेशक
इटावा सफारी पार्क के उपनिदेशक अरूण कुमार सिंह ने बताया कि, भीषण गर्मी से सफारी के वन्य जीवों को बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किये जा रहे है। शेरों को सुबह और शाम खुले पार्कों में छोड़ा जाता है। दिन में उनको कूलर की हवा में रखा जा रहा है।
सफारी कर्मियों को निर्देश
सफारी के आन डयूटी सभी कर्मियों को इस बात के निर्देश दिए गए है कि, गर्मी से वन्यजीवों को बचाने की दिशा मे जो दिशा निर्देश दिए गए हैं उनका हर हाल मे पालन किया जाना सुनिश्चत करें ताकि वन्य जीवों पर किसी भी प्रकार का कोई असर न पड़ सके।
साभार :- दिनेश शाक्य
Published on:
08 Apr 2022 10:40 pm
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