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बेटी के मृत शरीर के कंकाल के लिए परिवार लड़ रहा है कानूनी लड़ाई, 3 साल से रखा है फ्रीजर में

इटावा का एक परिवार पिछले 3 साल से बेटी के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से गुहार लगा रही है। परिवार का दावा है कि पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखा कंकाल उनकी बेटी का है। ‌

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मृतक की शिनाख्त चप्पल आदि से हुई थी

बेटी के अंतिम संस्कार के लिए परिवार परेशान

उत्तर प्रदेश के इटावा में युवती के कंकाल के लिए एक परिवार दर-दर की ठोकरे खा रहा है। जो पिछले 3 साल से पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में रखा हुआ है। जिसकी शिनाख्त मृतक के चप्पल, अंगूठी आदि से की गई थी। लेकिन मृतका का डीएनए परिवार के सदस्यों से नहीं मिला। जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया में मामला फंस गया। अब परिवार के सदस्य एक बार फिर डीएनए जांच करने की मांग कर रहे हैं। जिससे कि उनकी बेटी का अंतिम संस्कार किया जा सके।

घटना जसवंत नगर थाना क्षेत्र के चेक सलेमपुर की है। मां भगवान देवी ने घटनाक्रम के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 19 सितंबर 2020 को उनकी 25 साल की रीता काम से बाहर गई थी। फिर वापस लौटकर नहीं आई। काफी खोजा गया। लेकिन वह नहीं मिली।

6 दिनों के बाद मिला शव

6 दिनों के बाद रीता का शव घर से 500 मीटर की दूरी पर स्थित खेत में मिला। लेकिन तब तक सो कंकाल बन चुका था। जिसमें केवल हड्डियां रह गई थी। शव से किशोरी की पहचान नहीं हो पाई। लेकिन उसके सर का क्लिप, चप्पल, अंगूठी, दांतों की बनावट से उसकी रीता के रूप में हुई है। इसके बाद डीएनए जांच कराई गई। लेकिन डीएनए रिपोर्ट परिवार से मेल नहीं खाया। कंकाल को पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया।

कोर्ट का भी सहारा लिया

मां भगवान देवी पुलिस से निराश हो गई। फिर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर गांव के ही रहने वाले चार लोगों के खिलाफ हत्याकांड मुकदमा दर्ज हुआ था। एक बार फिर डीएनए की प्रक्रिया शुरू हुई। 26 मार्च 2022 को डीएनए की रिपोर्ट आई। लेकिन वह भी अलग थी। ऐसे में पुलिस कंकाल देने में इनकार कर रही है और 3 साल से शव डीप फ्रीजर में रखा हुआ है। अब परिवार वाले हैदराबाद में डीएनए टेस्ट करने की मांग कर रहे हैं।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया

एसपी सिटी कपिल देव सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो बार डीएनए करवाया गया। लेकिन कंकाल और दावा करने वालों का डीएनए अलग-अलग आया। ऐसे में शव उन्हें नहीं दिया जा सकता है।