
चंद्र ग्रहण 2023
चंद्र ग्रहण 2023 खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए सुनहरा अवसर है। जब अमेरिका में सूर्य ग्रहण लगने के 14 दिनों के बाद भारत में चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर सुनील पांडे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चंद्र ग्रहण देश के दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य क्षेत्रों में दिखाई पड़ेगा। चंद्र ग्रहण को लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी दी।
डॉ सुनील पांडे के अनुसार पूर्णिमा के दौरान चंद्र ग्रहण लगता है यह स्थिति तब बनती है। जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है। तो चन्द्र ग्रहण लगता है। जब पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है तो चंद्रमा लाल रंग का नजर आता है। पृथ्वी पर इसकी छाया दो तरह से पड़ती है। पहली पेनुम्ब्रा और दूसरी उम्ब्रा होती है।
पेनुम्ब्रा छाया penumbra shade क्या होती है
बाहरी या हल्की छाया को पेनुम्ब्रा छाया कहते हैं। जिसे उपच्छाया भी कहा जाता है। 28 अक्टूबर की रात 11:30 बजे के बाद चंद्रमा इसमें प्रवेश करेगा।
उम्ब्रा छाया क्या होती है?
पृथ्वी की गहरी परछाई को उम्ब्रा छाया (umbra shadow) कहते हैं। चंद्रमा 29 अक्टूबर की रात 1:05 पर उम्ब्रा में प्रवेश करेगी। एक घंटा 19 मिनट उम्ब्रा में रहने के बाद 2:24 मिनट पर इससे बाहर निकलेगा।
कहां-कहां दिखेगा?
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसार चंद्रमा आधी रात के बाद उम्ब्रा में प्रवेश करेगा। यह देश के कई भागों में दिखाई पड़ेगा। जैसे कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई, नागपुर, नासिक, रायपुर, भोपाल, चेन्नई, कोयंबटूर, भोपाल, जोधपुर, देहरादून, पटना सहित दूसरे इलाकों में भी देखा जाएगा।
Updated on:
27 Oct 2023 02:45 pm
Published on:
27 Oct 2023 02:45 pm
