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धान का परिवहन नहीं, 101 केंद्रों में धान रखने की जगह नहीं बची

धान खरीदी के इतिहास में पहली बार 25 दिन के बाद भी खरीदी केंद्रों से एक भी दाना धान का परिवहन नहीं किया गया है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुई। अभी तक कुल 35354 किसानों ने 16 लाख 17 हजार 819 क्विंटल धान बेचा है।

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धान खरीदी के इतिहास में पहली बार 25 दिन के बाद भी खरीदी केंद्रों से एक भी दाना धान का परिवहन नहीं किया गया है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुई। अभी तक कुल 35354 किसानों ने 16 लाख 17 हजार 819 क्विंटल धान बेचा है।

धान खरीदी के इतिहास में पहली बार 25 दिन के बाद भी खरीदी केंद्रों से एक भी दाना धान का परिवहन नहीं किया गया है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुई। अभी तक कुल 35354 किसानों ने 16 लाख 17 हजार 819 क्विंटल धान बेचा है। धान का परिवहन शुरू नहीं करने पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। वहीं किसान धान परिवहन व खरीदी लिमिट नहीं बढ़ाने के कारण नाराज है। मंगलवार को 14 से अधिक गांव के किसान कलेक्ट्रेट भी आए थे। कलक्टर से धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने एवं धान परिवहन कराने की मांग की है। धान का परिवहन नहीं हुआ तो आगामी सोमवार के बाद कई खरीदी केंद्रों में ताला भी लग सकता है।

101 केंद्रों में बफर लिमिट से अधिक धान

पत्रिका ने मंगलवार को जिले के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया तो पता चला कि 101 केंद्रों में 200 प्रतिशत से अधिक धान खरीदी हो चुकी है और धान का परिवहन नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यहां खरीदी बंद होने की संभावना है। जिले के गेंजी केंद्र में 7200 क्विंटल धान रखने की क्षमता है। यहां 18 हजार 833 क्विंटल धान जाम है। कुसुमकसा में धान रखने की क्षमता 8 हजार क्विंटल है, लेकिन यहां पर 20 हजार क्विंटल धान है। सुरेगांव में 10 हजार क्विंटल की क्षमता है। यहां भी 20 हजार क्विंटल धान जाम है। कुरदी में भी 10 हजार क्विंटल के बजाए 20 हजार से अधिक क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। इस सप्ताह परिवहन नहीं हुआ तो गेंजी, कुसुमकसा, पोंडी, अरकार, अछोली, कचांदुर, पिनकापार सहित अन्य केंद्रों में खरीदी बंद हो सकती है।

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भाजपा सरकार नहीं चाहती सभी किसानों का धान खरीदे

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि धान खरीदी केंद्र में धान बेचना किसानों के लिए परेशानी का कारण हो गया है। टोकन के लिए किसान परेशान हैं। धान खरीदी हो रही है, लेकिन धान का परिवहन नहीं हो रहा। मानो सरकार खुद नहीं चाह रही कि सभी किसानों का धान केंद्रों में बिके। यही हाल रहा तो कांग्रेस जल्द सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। जल्द धान का परिवहन शुरू कराएं व खरीदी लिमिट भी बढ़ाएं।

धान संग्रहण केंद्रों में धान रखने की तैयारी भी नहीं

जिले में कुल चार धान संग्रहण केंद्र हैं। कोई भी संग्रहण केंद्र पूरी तरह तैयार नहीं है। कुछ ही स्टेक ही बनाए गए हैं। धान परिवहन के मामले में डीएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया। जिला खाद्य अधिकारी तुलसी राम ठाकुर ने बताया कि धान परिवहन धान संग्रहण में करने कलक्टर ने एमडी मार्केट को पत्र लिखा है। अब आगे अनुमति के बाद परिवहन शुरू किया जाएगा।

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धान उठाव की मांग की

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जिला नोडल अधिकारी चिंता राम रावटे ने कहा कि धान खरीदी में गति आई है। धान का परिवहन शुरू होगा तो खरीदी में और तेजी आएगी। हमने धान खरीदी केंद्रों की स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। जल्द ही धान परिवहन शुरू होने की उम्मीद है।

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