1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तांदुला नदी में भर रहा शहर का गंदा पानी

तांदुला नदी में शहर के गंदे पानी को आने से रोकने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपए की लगात से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई गई लेकिन इसके तहत जारी टेंडर में किसी ने भाग नहीं लिया।
3 min read
Google source verification
तांदुला नदी में शहर के गंदे पानी को आने से रोकने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपए की लगात से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई गई लेकिन इसके तहत जारी टेंडर में किसी ने भाग नहीं लिया।

जीवनदायिनी तांदुला नदी में शहर के गंदे पानी को आने से रोकने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपए की लगात से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई गई लेकिन इसके तहत जारी टेंडर में किसी ने भाग नहीं लिया, जिसके कारण अब यह टेंडर प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। अब इसके लिए रिटेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तब तक तांदुला नदी में शहर का गंदा पानी आता रहेगा और नदी का पानी गंदा होता रहेगा।

दो महीने पहले ड्रोन सर्वे किया गया

बता दें कि तांदुला नदी को जिला प्रशासन ने एक एजेंसी के माध्यम से संवारने की योजना बनाई है। दो महीने पहले ड्रोन सर्वे किया गया पर आगे का काम करने में देरी कर रही है। नगर पालिका के तांदुला रिवर फ्रंट योजना के तहत काम कहां पहुंचा, इसका जवाब अभी नगर पालिका के पास नहीं है।

सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदा पानी साफ होकर नदी में मिलता

सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति तो मिल चुकी है पर कोई काम करने अभी तैयार नहीं है। अगर सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाता तो शहर के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को फिल्टर कर नदी में छोड़ा जाता। बहरहाल इस योजना के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।

नदी को सुखाकर, पानी डाल रहे है ताकि नदी साफ रहे

सिंचाई विभाग कभी नदी से पूरा पानी खत्म कर उसे सूखा देता है ताकि जलीय पौधे सूख जाएं। उसके बाद फिर पानी भर देते हैं। बीते माह ही तांदुला नहर से तांदुला नदी में पानी छोड़ा गया था। हालांकि अभी तांदुला नदी में पानी है लेकिन नदी में गंदा पानी आ रहा है।

यह भी पढ़ें :

पहली पत्नी ने कर दी दूसरी पत्नी की हत्या

योजना बनी पर कागजों पर हकीकत कुछ और

जीवनदायनी तांदुला नदी को बचाने के लिए कई योजना बनी है पर ये योजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। अब काम कब शुरू होगा, यह तो जिम्मेदार भी नहीं बता पा रहे। कहीं ऐसा न हो जाए कि योजना सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह जाए क्योंकि अभी तक की जो स्थिति है, उससे यही लग रहा है या फिर काम बारिश सीजन के बाद कराने की योजना हो।

वर्षों से तांदुला नदी को बचाने की मांग, चले कई अभियान

तांदुला नदी को गंदगी से बचाने व जलकुंभी से मुक्ति दिलाने की मांग शहरवासी विगत कई वर्षों से कर रहे हैं। यहां सफाई के नाम पर लाखों रुपए भी खर्च कर चुके हैं। फिर भी तांदुला की सफाई नहीं करा पाए। शहर के नागरिक तरुण बढ़तीया व मधुकांत यदु ने कहा कि तांदुला नदी हमारी धरोहर है। इसे नया जीवन देने शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। नदी की सफाई को लेकर हर साल योजना बनती है पर योजना को जमीनी स्तर पर क्यों नहीं ला पाते। हर हाल में नदी के उद्गम स्थल से शहर तक सफाई कराई जाए तब नदी साफ रहेगी।

यह भी पढ़ें :

रेत खदानें बंद, रात में नदी से हो रही अवैध खनन

वर्षों से नदी पी रही शहर का गंदा पानी

तांदुला व तांदुला नदी बालोद नगर की जीवनदायनीय नदी है पर यह नदी शुरू से ही उपेक्षा की शिकार रही है। जिला प्रशासन नदी की सफाई जरूर कराती है लेकिन नदी को हमेशा के लिए गंदगी से मुक्त करने प्रयास नहीं किया, जिसके कारण नदी वर्षों से गंदगी से पटी रही। वहीं बीते माह ही जिला प्रशासन के सफाई अभियान से नदी साफ हुई हैं लेकिन अब फिर गंदगी जमा हो रही है।

टेंडर में कोई शामिल नहीं हुआ

नगर पालिका बालोद के सीएमओ खिरोद भोई ने कहा कि सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर लगा था पर टेंडर में कोई शामिल नहीं हुआ। अब रिटेंडर लगाया जाएगा, जिंसकी प्रक्रिया चल रही है।